Bhagalpur Ganga Erosion: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का भीषण कटाव अब विकराल रूप ले चुका है। गोपालपुर प्रखंड के महादेवपुर और छोटी अलालपुर गांवों में गंगा का रौद्र रूप लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। गुरुवार को यहां एक बड़ी आपदा उस समय सामने आई, जब पुरानी रेलवे लाइन के पास करीब 100 मीटर के दायरे में अचानक मिट्टी भरभराकर नदी में समा गई। इस भयावह घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।
महादेवपुर और छोटी अलालपुर में दहशत का माहौल
गंगा नदी के लगातार हो रहे कटाव के कारण महादेवपुर और छोटी अलालपुर के ग्रामीण तीव्र दहशत में जी रहे हैं। मिट्टी धंसने की इस ताजा घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी आंखों के सामने घर, जमीन और ऐतिहासिक धरोहरें नदी के आगोश में समाती जा रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि, ‘कटाव निरोधी कार्य समय पर और ठोस तरीके से नहीं किए जाने के कारण आज स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है।’
इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की सुस्ती को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित ग्रामीणों ने प्रशासनिक विफलता के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू करने की मांग की।
प्रशासनिक सुस्ती से बढ़ा खतरा, सैकड़ों घर मुहाने पर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अगर कटाव की रफ्तार को तुरंत नहीं रोका गया, तो महादेवपुर और छोटी अलालपुर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह गंगा नदी में समा जाएगा। कई घर और सरकारी संपत्तियां इस समय कटाव की बिल्कुल मुहाने पर खड़ी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण रात-रात भर जागकर कटाव की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपने स्तर से सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटे हुए हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की टीम स्थिति का जायजा लेने के लिए रवाना हो चुकी थी। हालांकि, ग्रामीण किसी भी आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और वे ठोस जमीनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाकर उनके घरों और जमीनों को गंगा के कटाव से बचाएगा।







