सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में केंद्र सरकार के ‘सीलबंद कवर सजेशन’ को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। बेंच ने कहा कि वह ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करने के लिए सीलबंद लिफाफे में केंद्र के सुझावों को स्वीकार नहीं करेगी।
इस दौरान डीवाई चंद्रचूड़ सीजेआई ने कहा कि हम कमेटी बनाएंगे, लेकिन निगरानी का जिम्मा किसी मौजूदा जज को नहीं सौंपा जाएगा। इससे पहले सेबी के लिए पेश सॉलिसीटर जनरल ने कमेटी के सदस्यों के नाम और उसके अधिकार पर जजों को सुझाव सौंपे।
सॉलिसीटर ने कहा कि हम चाहते हैं कि सच सामने आए, लेकिन बाजार पर इसका असर न पड़े. किसी पूर्व जज को निगरानी का जिम्मा सौंपने पर कोर्ट फैसला ले सकता है। कोर्ट ने पहले भारतीय निवेशकों की सुरक्षा के उपायों पर केंद्र और सेबी (SEBI) के विचार मांगे थे।
हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों से हाल में अडाणी समूह के शेयरों में गिरावट के बाद शेयर बाजार के लिए नियामक तंत्र को मजबूत करने की खातिर विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के कोर्ट के प्रस्ताव पर केंद्र ने सोमवार को सहमति व्यक्त की थी।







