
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 का पावन पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जब मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना कर भक्तजन उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना मां भगवती की कृपा और शक्ति को प्राप्त करने का एक अत्यंत शक्तिशाली और अचूक उपाय है। यह पाठ न केवल आत्मिक शांति प्रदान करता है बल्कि जीवन की समस्त बाधाओं को दूर करने में भी सहायक सिद्ध होता है।
चैत्र नवरात्रि 2026: दुर्गा सप्तशती पाठ से करें मां भगवती को प्रसन्न
चैत्र नवरात्रि 2026 में दुर्गा सप्तशती के आध्यात्मिक रहस्य और लाभ
दुर्गा सप्तशती, मार्कण्डेय पुराण का एक भाग है, जिसमें मां दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी स्वरूप का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें 700 श्लोक और 13 मुख्य अध्याय हैं, जो तीन खंडों में विभाजित हैं – प्रथम चरित्र, मध्यम चरित्र और उत्तम चरित्र। प्रत्येक अध्याय अपने आप में एक शक्तिशाली मंत्र और ऊर्जा का स्रोत है, जिसे श्रद्धापूर्वक पढ़ने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पाठ हमें बताता है कि कैसे देवी ने शुंभ-निशुंभ, चंड-मुंड और रक्तबीज जैसे शक्तिशाली राक्षसों का संहार किया और धर्म की स्थापना की।
दुर्गा सप्तशती पाठ की सरल विधि
- सर्वप्रथम स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां दुर्गा का ध्यान करें।
- पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- कलश स्थापना करें और गणेश जी का पूजन करें।
- संकल्प लें और फिर दुर्गा सप्तशती के पाठ का आरंभ करें।
- प्रत्येक अध्याय के पाठ के बाद आरती करें और प्रसाद चढ़ाएं।
- पाठ के दौरान पवित्रता और एकाग्रता बनाए रखें।
मां दुर्गा का मूल मंत्र
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
यह मान्यता है कि दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ करने से व्यक्ति के जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं। रोगों से मुक्ति, शत्रु नाश, धन-संपदा में वृद्धि, पारिवारिक सुख-शांति और मोक्ष की प्राप्ति जैसे अनेक फल इस पाठ से प्राप्त होते हैं। जिन लोगों के जीवन में लगातार चुनौतियां आ रही हों, उन्हें नवरात्रि के दौरान इस पाठ को अवश्य करना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पाठ के प्रभाव से मानसिक और शारीरिक बल प्राप्त होता है और भय का नाश होता है।
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दुर्गा सप्तशती का पाठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्म-शुद्धि और आत्म-ज्ञान की ओर बढ़ने का एक दिव्य मार्ग है। चैत्र नवरात्रि के पावन दिनों में इस पाठ को पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से मां दुर्गा अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाती हैं। यदि आप संपूर्ण पाठ नहीं कर सकते, तो प्रतिदिन एक अध्याय या कुछ श्लोकों का पाठ भी अत्यंत फलदायी होता है। पाठ के अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करें और अपनी मनोकामनाएं मां के चरणों में अर्पित करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मां भगवती की जय!


