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मार्च, 23, 2026
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हनुमान जयंती 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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Hanuman Jayanti 2026: सनातन धर्म में भगवान श्री राम भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव अत्यंत पावन पर्व माना जाता है। यह दिन भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, जब वे संकटमोचन हनुमान जी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में कब है यह मंगलकारी पर्व और क्या है इसकी पूजा विधि।

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हनुमान जयंती 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हनुमान जयंती 2026: कब है बजरंगबली का जन्मोत्सव?

प्रत्येक वर्ष चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जन्मोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार, पवनपुत्र हनुमान का जन्म हुआ था। उनकी भक्ति और शक्ति का स्मरण कर भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। साल 2026 में भी यह पावन पर्व अपने विशिष्ट शुभ मुहूर्त के साथ आने वाला है, जो भक्तों को भगवान की उपासना का अनुपम अवसर प्रदान करेगा। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

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हनुमान जयंती की पूजा विधि:

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और हनुमान जी का ध्यान करें।
  • हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, गेंदे के फूल, जनेऊ, वस्त्र, अक्षत, धूप, दीप अर्पित करें।
  • भोग में लड्डू, बूंदी, केला और पान का बीड़ा चढ़ाएं।
  • हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ करें।
  • अंत में हनुमान जी की आरती करें और उपस्थित भक्तों में प्रसाद वितरण करें।
यह भी पढ़ें:  Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि में मंत्र जाप से पाएं असीम कृपा और सफलता

हनुमान जयंती 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त

आप इस शुभ मुहूर्त का लाभ उठाकर अपनी पूजा-अर्चना संपन्न कर सकते हैं:

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विवरणसमय/तिथि
हनुमान जयंती 2026 तिथिशुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ10 अप्रैल 2026, शाम 04:30 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त11 अप्रैल 2026, शाम 06:15 बजे
पूजा का शुभ मुहूर्तसुबह 06:00 बजे – 09:00 बजे
शाम 05:00 बजे – 07:00 बजे
यह भी पढ़ें:  चैत्र नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का महत्व और पाठ विधि

श्री हनुमान जन्मोत्सव का महत्व:

पवनपुत्र हनुमान भगवान राम के अनन्य भक्त हैं। उनकी भक्ति, बल, बुद्धि और पराक्रम की गाथाएं अद्भुत हैं। हनुमान जयंती के दिन उनकी पूजा करने से बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है, जो अपने भक्तों के सभी संकटों को हर लेते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की उपासना करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

मंत्र जाप

पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करें:

ॐ हनुमते नमः।

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।

निष्कर्ष और उपाय:

हनुमान जयंती का यह पावन पर्व भक्तों को भगवान हनुमान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का स्वर्णिम अवसर प्रदान करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना, गरीबों को भोजन कराना और हनुमान मंदिर में ध्वजा चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है। हनुमान जी की सच्चे मन से की गई आराधना जीवन के सभी कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करती है।

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