

Holika Dahan Remedies: फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन का पावन पर्व मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
होलिका दहन: ग्रह दोषों से मुक्ति के अचूक Holika Dahan Remedies
होलिका दहन Remedies और परिक्रमा का महत्व
फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन का पावन पर्व मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस अग्नि में न केवल होलिका की राख होती है, बल्कि यह हमारे जीवन के समस्त कष्टों, नकारात्मक ऊर्जा और ग्रह दोषों को भी भस्म करने का सामर्थ्य रखती है। ऐसी मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि की श्रद्धापूर्वक की गई परिक्रमा जीवन की अनेक बाधाओं को दूर करती है और व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक ऐसा समय है जब ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी विभिन्न ग्रहों के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं। इस पावन अवसर पर किए गए उपाय शीघ्र फलदायी माने जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं। विशेषकर, कुंडली में मौजूद किसी भी प्रकार के ग्रह दोषों से मुक्ति और जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए होलिका दहन के दिन कुछ विशेष क्रियाएं अत्यंत प्रभावी सिद्ध होती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ अचूक उपायों के बारे में, जो आपको जीवन की कठिनाइयों से निकालकर ग्रह शांति प्रदान करने में सहायक होंगे। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
होलिका दहन की परिक्रमा विधि
- होलिका दहन के समय अग्नि प्रज्वलित होने के बाद शुद्ध मन से सात या ग्यारह परिक्रमा करें।
- प्रत्येक परिक्रमा के दौरान भगवान विष्णु और अग्निदेव का स्मरण करें।
- परिक्रमा करते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप कर सकते हैं।
- परिक्रमा के उपरांत अग्नि में नारियल, बताशे, कपूर, और अपनी पुरानी अनुपयोगी वस्तुएं अर्पित करें, जो नकारात्मकता का प्रतीक हों।
ग्रह दोष निवारण के विशेष उपाय
- यदि किसी ग्रह का दोष परेशान कर रहा हो, तो होलिका की अग्नि में उस ग्रह से संबंधित अनाज (जैसे सूर्य के लिए गेहूं, चंद्र के लिए चावल, मंगल के लिए मसूर दाल) की थोड़ी मात्रा अर्पित करें।
- शारीरिक कष्टों से मुक्ति के लिए अग्नि में सरसों के बीज और काला तिल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
- आर्थिक समस्याओं के निवारण हेतु होलिका की अग्नि में सात गोमती चक्र और एक कौड़ी अर्पित करें।
- नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचने के लिए एक सूखी लाल मिर्च, थोड़ा नमक और कुछ सरसों के दाने अपने ऊपर से सात बार उतारकर होलिका की अग्नि में डाल दें।
- रोग मुक्ति के लिए होलिका की अग्नि में नीम की पत्तियां और एक पान का पत्ता अर्पित करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
होलिका दहन के बाद क्या करें?
- होलिका दहन की राख को अगले दिन अपने घर ले आएं। इसे घर के मुख्य द्वार पर छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- राख को एक पोटली में बांधकर तिजोरी में रखने से धन में वृद्धि होती है।
- इस राख को अपने माथे पर तिलक के रूप में लगाने से सभी बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- अगले दिन रंग खेलने से पूर्व होलिका की अग्नि की थोड़ी सी राख को पानी में मिलाकर स्नान करने से सभी प्रकार के कष्टों का शमन होता है।
होलिका दहन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये उपाय आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएंगे। समस्त ग्रह दोषों से मुक्ति और जीवन में सकारात्मकता के लिए इन उपायों को अवश्य अपनाएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। होलिका की अग्नि में अपनी सभी बुराइयों को भस्म कर एक नए और उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हों।





