
Kharmas: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, जब ग्रहों के राजा भगवान सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस काल को खरमास कहा जाता है। यह समय आध्यात्मिक चिंतन और प्रभु स्मरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जहाँ भौतिक सुखों से हटकर आत्म-शुद्धि पर बल दिया जाता है।
मार्च 2026 खरमास: जानिए कब से लगेगा और किन कार्यों पर रहेगा विराम
सनातन धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। यह वह अवधि है जब किसी भी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है। मार्च 2026 में भी खरमास का योग बन रहा है, जब भगवान सूर्यदेव एक विशेष राशि में प्रवेश करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और Surya Gochar का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण कुछ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं मार्च 2026 में खरमास कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान हमें किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
खरमास 2026: शुभ कार्यों पर क्यों लगता है प्रतिबंध?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्यदेव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो वे अपनी गुरु बृहस्पति की राशियों में होते हैं। इन राशियों में सूर्य का प्रभाव कमजोर पड़ जाता है, जिससे शुभ ऊर्जा का संचार बाधित होता है। यही कारण है कि विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य इस अवधि में वर्जित माने गए हैं। ऐसा माना जाता है कि खरमास में किए गए शुभ कार्य पूर्ण फलदायी नहीं होते और उनमें विघ्न आने की आशंका रहती है। Surya Gochar के इस कालखंड में आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं, अतः इसे भक्ति और तपस्या के लिए उपयुक्त माना गया है।
खरमास में क्या करें और क्या न करें, इसका विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
खरमास के दौरान क्या करें?
- भगवान सूर्य देव और भगवान विष्णु की उपासना करें।
- पवित्र नदियों में स्नान करें और दान-पुण्य करें।
- भागवत कथा, रामायण पाठ जैसे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें।
- तीर्थ यात्रा पर जाना शुभ माना जाता है।
- गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करें।
- जप, तप और ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति प्राप्त करें।
खरमास के दौरान क्या न करें?
- विवाह संबंधी कोई भी शुभ कार्य न करें।
- गृह प्रवेश या नए घर का निर्माण शुरू न करें।
- नया व्यापार या कोई महत्वपूर्ण समझौता न करें।
- मुंडन संस्कार या उपनयन संस्कार न करें।
- भूमि पूजन या वाहन खरीदना टाल दें।
खरमास मार्च 2026 की तिथियाँ
मार्च 2026 में खरमास की शुरुआत सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ होगी और यह लगभग एक माह तक चलेगा। सटीक तिथि और समय के लिए अपने स्थानीय पंचांग का अवलोकन करना उचित होगा, किंतु सामान्यतः यह मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक रहता है।
खरमास का यह समय हमें भौतिक कामनाओं से विरक्त होकर आध्यात्मिक चिंतन की ओर उन्मुख होने का अवसर प्रदान करता है। इस दौरान किए गए दान, धर्म और उपासना का विशेष फल प्राप्त होता है। अपने मन को शुद्ध कर भगवान की भक्ति में लीन होने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें



