
Kamada Ekadashi 2026: चैत्र शुक्ल एकादशी को मनाई जाने वाली कामदा एकादशी का अनुपम महत्व
कामदा एकादशी 2026: जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
कामदा एकादशी 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
Kamada Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष स्थान है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली मानी जाती है, इसलिए भक्तजन इस दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखते हैं। इस पवित्र तिथि पर भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना करने से न केवल पापों का शमन होता है, बल्कि मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन श्रद्धालु घर और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं तथा कठोर व्रत का पालन करते हैं। इस दिन की व्रत विधि अत्यंत सरल और फलदायी है। आइए जानते हैं साल 2026 में कामदा एकादशी कब है, इसकी पूजा विधि क्या है और शुभ मुहूर्त क्या होगा।
कामदा एकादशी पूजा विधि
जो भक्त पूर्ण निष्ठा से इस व्रत विधि का पालन करते हैं, उन्हें भौतिक सुखों के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति भी मिलती है। कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए निम्नलिखित विधि अपनाई जाती है:
- एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- अब भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं।
- इसके बाद पीले वस्त्र, पीले फूल, चंदन, अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य और तुलसी दल अर्पित करें।
- भगवान विष्णु सहस्त्रनाम या किसी अन्य विष्णु मंत्र का जाप करें।
- एकादशी व्रत कथा का पाठ करें या सुनें।
- आरती कर के पूजा संपन्न करें।
- शाम को भी भगवान विष्णु की पूजा करें और रात्रि जागरण करें।
- द्वादशी तिथि पर ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दें और फिर अपना व्रत खोलें।
कामदा एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त
| तिथि | दिन | पारण का समय |
|---|---|---|
| 29 मार्च 2026 | रविवार | 30 मार्च 2026, सोमवार (सूर्योदय के बाद) |
कामदा एकादशी का धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत रखने से ब्रह्महत्या जैसे घोर पापों से भी मुक्ति मिल जाती है। जो व्यक्ति निष्ठापूर्वक इस व्रत का पालन करता है, उसे विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है। इस एकादशी के प्रभाव से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह एकादशी पापों का नाश करने वाली और पुण्य फल प्रदान करने वाली मानी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
भगवान विष्णु का मूल मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
कामदा एकादशी के उपाय
कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं। इस दिन पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाना शुभ माना जाता है, क्योंकि पीपल में भगवान विष्णु का वास माना गया है। इसके अतिरिक्त, गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है। गौ सेवा करना भी इस दिन विशेष फल प्रदान करता है। इन उपायों से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







