
University Exam Result: छात्रों के भविष्य को गढ़ने वाली विश्वविद्यालय परीक्षाओं में सामने आया एक ऐसा ऐसा मामला जिसने सबको चौंका दिया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियों में सवालों के जवाबों की जगह छात्रों ने शायरी, फिल्मी गाने और गालियां तक लिख दीं। यह स्थिति तब सामने आई जब प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) स्टेट यूनिवर्सिटी, प्रयागराज में सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए और बड़ी संख्या में छात्र अनुत्तीर्ण हो गए, जिसके बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
University Exam Result पर गंभीर सवाल: आखिर क्यों लिखी गई बेतुकी बातें?
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि जब शिक्षकों ने कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू किया तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। उन्होंने बताया कि हजारों की संख्या में कॉपियों में छात्रों ने प्रश्नों के सही उत्तर लिखने की बजाय फिल्मी गाने, शायरी और कई अपशब्द लिख दिए थे। कुछ छात्रों ने तो प्रश्न को ही हूबहू कॉपी में उतार दिया, लेकिन उसका जवाब नहीं दिया। कई कॉपियों में तो छात्रों ने यह भी लिखा कि वे बीमार थे या उन्हें जवाब याद नहीं था, इसलिए उन्हें पास कर दिया जाए।
शून्य अंक मिले ऐसे छात्रों को
मूल्यांकन के दौरान जिन कॉपियों में जवाब की जगह शायरी या गालियां लिखी मिलीं, उन छात्रों को शून्य अंक प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा एक गंभीर और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कुलपति ने यह भी बताया कि ऐसी कॉपियों को अलग करके उनकी एक विस्तृत सूची तैयार की गई है। इस तरह के मामलों ने पूरे लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें परीक्षा कॉपी मूल्यांकन प्रक्रिया पर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हजारों छात्रों का भविष्य अधर में
विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 5 हजार छात्रों की कॉपियों में इस तरह की आपत्तिजनक बातें लिखी मिली हैं। यही मुख्य कारण है कि इतने बड़े पैमाने पर छात्र फेल हो गए। इसका सीधा असर विश्वविद्यालय के कुल परिणाम पर भी पड़ा है। पिछले साल जहां कुल परिणाम लगभग 89 प्रतिशत था, वहीं इस बार यह घटकर लगभग 82 प्रतिशत के आसपास रह गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह छात्रों के लिए एक गंभीर सबक है।
रिजल्ट आने के बाद गरमाया था माहौल
जैसे ही सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम जारी हुआ और हजारों छात्र अनुत्तीर्ण घोषित किए गए, उसके तुरंत बाद कई छात्र विश्वविद्यालय परिसर में इकट्ठा हो गए और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप था कि उनकी कॉपियों का ठीक से मूल्यांकन नहीं किया गया है और उन्हें गलत तरीके से फेल किया गया है। छात्रों के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की। विश्वविद्यालय प्रशासन अब इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से ले रहा है। कुलपति के अनुसार, जिन छात्रों ने कॉपियों में इस तरह की बातें लिखी हैं, उनके अभिभावकों को भी जल्द ही नोटिस भेजा जा सकता है। यह घटना शिक्षा प्रणाली की गंभीरता और छात्रों के प्रति जिम्मेदारी को रेखांकित करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



