
7 साल से इंतजार और अब मिला आश्वासन! दरभंगा के आवास कर्मियों ने हड़ताल रोकी, लेकिन चेतावनी बरकरार। मानदेय बढ़ाने का वादा मिलते ही आवास कर्मियों ने तोड़ी हड़ताल, सरकार को दी चेतावनी – 15 दिन का अल्टीमेटम। बिहार में आवास कर्मियों की जीत? सरकार ने दिया वादा, आंदोलन हुआ स्थगित – आगे क्या होगा?@दरभंगा,देशज टाइम्स।
Darbhanga News: ‘ये सिर्फ शुरुआत है!’ आवास सहायकों का सरकार को अल्टीमेटम – 15 दिन बाद फिर उग्र आंदोलन
‘ये सिर्फ शुरुआत है!’ आवास सहायकों का सरकार को अल्टीमेटम – 15 दिन बाद फिर उग्र आंदोलन। दरभंगा में खत्म हुई आवास कर्मियों की हड़ताल! सरकार ने मानी मांगें, लेकिन भरोसा नहीं।7 साल की चुप्पी के बाद सरकार बोली – मानदेय बढ़ेगा! आंदोलन फिलहाल टला, लेकिन फिर से उठेगा सवाल।आवास सहायकों का आंदोलन खत्म लेकिन संकट जारी! सरकार पर अब भी शक – ‘वादा पूरा करो या फिर…’ @दरभंगा,देशज टाइम्स।
Darbhanga News: सरकार के आश्वासन के बाद आवास सहायकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित की
दरभंगा, देशज टाइम्स। राज्य ग्रामीण आवास कर्मी संघ के बैनर तले 16 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे आवास सहायकों को आखिरकार राज्य सरकार से सकारात्मक आश्वासन मिल गया है। इसके बाद संघ ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया है।
7 साल से नहीं बढ़ा मानदेय, सम्मानजनक वेतन की मांग
जिला अध्यक्ष राहुल पासवान ने बताया कि आवास कर्मियों को पिछले 7 वर्षों से मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि न तो हमें सम्मानजनक वेतन मिल रहा है और न ही सरकारी कर्मी का दर्जा। “यह आंदोलन सिर्फ एक शुरुआत है, यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो 15 दिन बाद निर्णायक आंदोलन होगा।
विभागीय सचिव से हुई वार्ता में मिले संकेत
संघ के प्रतिनिधिमंडल की विभागीय सचिव से हुई बैठक में सरकार ने कई मांगों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। संघ के सचिव ब्रजमोहन कुमार चौपाल एवं बच्चा बाबू लाल देव ने कहा कि यदि सरकार अपने आश्वासन को समय पर पूरा नहीं करती, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
आंदोलन स्थल पर रहे ये प्रमुख चेहरे
इस मौके पर मनोज पासवान, मनीष कुमार, आलोक रंजन, आशीष सिंह, राकेश झा, उदय शंकर चौरसिया, राकेश कुमार, पवन साह, शिव शंभू पासवान, अमरेश भास्कर, सैफुर रहमान, मो. सरफराज, अनवर अली, अनीश कुमार, अमित कुमार, राज कुमार, मो. नेमतुल्लाह समेत कई आवास कर्मी मौजूद थे।