

Foster Care: अब अनाथालयों की चारदीवारी में बचपन नहीं घुटेगा, हर बच्चे के सिर पर होगा परिवार का साया। बोकारो में मिशन वात्सल्य के तहत एक ऐसी Foster Care योजना शुरू की गई है जो बेसहारा बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। इसका उद्देश्य उन बच्चों को एक सुरक्षित और प्यार भरा पारिवारिक माहौल देना है, जिन्हें देखरेख और संरक्षण की सबसे ज्यादा जरूरत है।
यह कार्यक्रम सामाजिक सुरक्षा विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), यूनिसेफ और सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स, NUSRL तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इसी कड़ी में 25 फरवरी 2026 को JSLPS, बोकारो द्वारा प्रशिक्षण हॉल में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें JSLPS के BPM, BAP, IPRP एवं जिला टीम के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
क्या है यह Foster Care पहल?
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को संस्थागत जीवन के बजाय एक पारिवारिक माहौल में बेहतर देखभाल मुहैया कराना है। इसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके और संस्थागत देखभाल से बाहर आए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। योजना के माध्यम से बच्चों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार के अवसर और आवासीय सहायता से जोड़कर समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सक्षम बनाया जाता है, ताकि वे स्वावलंबी और सशक्त नागरिक बन सकें।
जेंडर CRP बनेंगे अभियान की रीढ़
जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अनिल डुंगडुंग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना की जानकारी JSLPS के माध्यम से हर घर तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने इस अभियान में जेंडर कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (Gender CRP) की भूमिका को रीढ़ की हड्डी बताया। उनके अनुसार, मार्च 2026 से सभी प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि समुदाय के स्तर पर व्यापक जागरूकता सुनिश्चित हो सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
उन्मुखीकरण सत्र का संचालन विनय कुमार बिश्वास (जिला तकनीकी विशेषज्ञ, सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स) और अजीत राणा (संरक्षण अधिकारी, गैर संस्थागत देखभाल, DCPU बोकारो) द्वारा किया गया। उन्होंने फोस्टर केयर की प्रक्रिया, पात्रता, चयन और आफ्टर केयर से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों के सभी सवालों का समाधान हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल मिशन वात्सल्य के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण, जमीनी स्तर पर योजना को लागू करने का संकल्प
कार्यक्रम के सफल आयोजन में JSLPS के जिला मिशन प्रबंधक श्री अतुल मिंज की भूमिका बेहद सराहनीय रही। उनके कुशल मार्गदर्शन में ही यह कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ और यह निर्णय लिया गया कि भविष्य के सभी प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम भी उन्हीं के नेतृत्व में आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने जमीनी स्तर पर इस योजना को लागू करने और अपने-अपने क्षेत्रों में समुदाय को जागरूक कर अधिक से अधिक बच्चों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम सिर्फ एक प्रशिक्षण सत्र नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की दिशा में एक मजबूत पहल साबित हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




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