

Media Monitoring: लोकतंत्र के महापर्व में जब नेता वादों और दावों की झड़ी लगाते हैं, तो पर्दे के पीछे प्रशासन का ‘तीसरा नेत्र’ उनकी हर गतिविधि पर नजर रखता है, ताकि चुनावी समर की मर्यादा बनी रहे। बोकारो में भी आगामी नगर पालिका चुनाव को लेकर कुछ ऐसा ही माहौल है, जहां प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है।
बोकारो में आगामी नगर पालिका (आम) निर्वाचन को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से स्थानीय सूचना भवन में एक हाई-टेक मीडिया कोषांग की स्थापना की गई है। यह कोषांग चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर विभिन्न टीवी चैनलों, समाचार पत्रों और सबसे महत्वपूर्ण, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। इसका एकमात्र लक्ष्य चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को सुनिश्चित करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
24×7 सक्रिय Media Monitoring सेल, सोशल मीडिया पर पैनी नजर
इस मीडिया कोषांग का मुख्य काम चुनाव से संबंधित हर छोटी-बड़ी खबर, प्रचार-प्रसार की गतिविधियों और प्रत्याशियों के क्रियाकलापों की निगरानी करना है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी उम्मीदवार आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः पालन करें। इसके लिए प्रत्याशियों की हर सार्वजनिक सभा, विज्ञापन, भाषण, पोस्टर-बैनर और डिजिटल प्रचार सामग्री की गहनता से जांच की जा रही है।
खास तौर पर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली भ्रामक, आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री पर इस सेल की विशेष टीम नजर रख रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की फेक न्यूज या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पाए जाने पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा और नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी उम्मीदवार गलत तरीकों से मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास न कर सके।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
इस पूरी तैयारी पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीईओ) सह उपायुक्त, अजय नाथ झा, ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने आगे कहा कि अवैध प्रचार-प्रसार के किसी भी मामले से सख्ती से निपटा जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों और आम जनता से भी अपील की है कि वे निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सम्मान करें और एक शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।





