
देवघर के जसीडीह थाना क्षेत्र में डढ़वा नदी के बालू घाट पर एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान 52 वर्षीय चौकीदार सिंघेश्वर मिर्धा के रूप में की गई है। मृतक के सिर पर गोली लगी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, जसीडीह थाना में कार्यरत चौकीदार सिंघेश्वर मिर्धा को बंका बालू घाट से अवैध बालू उठाव के रोकथाम के लिए लगाया गया था। इस बालू घाट की नीलामी नहीं हुई है और यहां से ट्रैक्टर से बालू माफियाओं की ओर से अवैध रूप से बालू का उठाव किया जाता है।
मृतक की पत्नी देवंती देवी ने बताया कि शुक्रवार शाम चार बजे छबेलबदिया गांव निवासी सदानंद राउत ने सिंघेश्वर को फोन किया था। उसने कहा था कि घर में खीर बना है और वह खाने के लिए आए। वहां जाने की बात कहकर सिंघेश्वर घर से निकला था लेकिन देर रात तक वह वापस नहीं आया।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह जसीडीह थाना क्षेत्र में डढ़वा नदी के बालू घाट से एक व्यक्ति का शव मिला। शव की हालत को देखने से लगता है कि उसकी हत्या की गई है। आसपास सूखा खून पड़ा था तथा उसके सिर में गोली लगी है।
सुबह लोग शौच करने आए तो शव को देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त की। इससे उसकी पहचान जसीडीह थाना में कार्यरत चौकीदार सिंघेश्वर मिर्धा के रूप में हुई।
मिर्धा को बालू घाट से अवैध बालू उठाव की रोकथाम के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। पुलिस ने घटनास्थल के पास से एक खोखा बरामद किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताया जाता है कि वह ज्यादातर समय बालू घाट पर ही रहता था। चौकीदार शाम छह बजे वह हर दिन घर आता था। घर में चाय, नाश्ता और खाना खाकर वह फिर से रात को घाट चला जाता था।
शु्क्रवार की रात वह घर नहीं आया तो घर वालों ने उसका पता लगाने का प्रयास किया। रात को आठ बजे के बाद से उसका मोबाइल भी लगातार बंद आ रहा था।
इसी बीच गांव के कुछ लोगों ने सुबह बालू घाट पर उसका शव देखा। उसके बाद घर वालों और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर एसपी सुभाष चंद्र जाट, एसडीपीओ पवन कुमार, प्रभारी थाना प्रभारी अविनाश कुमार आदि ने मौके पर पहुंचकर घटना की छानबीन की। पुलिस ने घटनास्थल के पास से एक खोखा बरामद किया है। हालांकि, मोबाइल नहीं मिला है और गायब मोबाइल का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
परिजनों का आरोप है कि चार-पांच ट्रैक्टर चालकों ने पहले सिंघेश्वर को अवैध रूप से बालू उठाव को लेकर प्रलोभन दिया था। वह उनकी बात नहीं माना तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। उसने इसकी सूचना थाना के वरीय अधिकारियों को भी दी थी।
आरोप है कि छबेबदिया गांव निवासी सदानंद राउत, बंका गांव निवासी बछडू सिंह, बोढनिया गांव निवासी विशेश्वर यादव, महेन्द्र यादव व अन्य ने साजिश के तहत उसकी गोली मारकर हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब पांच बजे सदानंद उसके घर पर आया था, उसने पूछा कि सिंघेश्वर कहां है।