
बिहार के पांच मजदूरों की पंजाब में दम घुटने से मौत हो गयी है। एक मजदूर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराा गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है। सभी मजदूर एक कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे थे। इसी दौरान पांच प्रवासी मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गयी है और एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, पंजाब के संगरूर में बिहार के 5 प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गयी है। अंगीठी की आग से निकले धूएं में दम घुटने से सभी की मौत हुई है। जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि सभी मजदूर रविवार को काम करके कमरे पर आए थे और भोजन करने के बाद ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई थी। इसी दौरान ठंड से राहत मिलते हुए सभी सो गए और अंगीठी को कमरे से बाहर करना भूल गए थे। रात में अंगीठी से जो धुआ उत्पन्न हुआ उसकी वजह से पांचों मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, तीन मजदूर सहरसा के रहने वाले थे जबकि दो बेगूसराय जिले के निवासी थे। बताया यह भी जा रहा है कि भीषण ठंड से बचने के लिए सभी मजदूर एक कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे थे। इसी दौरान फैले धूएं से दम घुटने के कारण पांच मजदूरों की मौत हो गयी। जबकि एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है।
बताया जाता है कि कमरे में सत्यनारायण साधा, करण साधा, सचिन, राधे साधा, अमंत कुमार और शिवरूद्र के सोये हुए थे। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी जिससे बचने के लिए कमरे में अंगीठी जला ली। कुछ देर तक सभी अलाव के पास बैठे फिर अपने-अपने बेड पर सोने चले गये। कमरे में अंगीठी रातभर जलती रही और सभी गहरे नींद में सो गये।
अगले दिन सुबह जब ड्यूटी पर सभी मजदूर नहीं आए तब उन्हें देखने के लिए ठेकेदार कमरे पर पहुंच गये। उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। जिसके बाद दरवाजे को तोड़ा गया तब जो कुछ सामने दिखा लोग भी हैरान रह गये।
सत्यनारायण साधा, सचिन, राधे साधा, करण साधा और अमंत की मौत हो गयी ती। सभी की सांसे रूकी हुई थी। लेकिन शिवरुद्र की सांस चल रही थी जिसके बाद आनन-फानन में उसे एक प्राइवेट नर्सिंग होम में एडमिट कराया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल मौके पर पहुंची पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।







