
स्कूल में शराब: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के 10 साल बाद भी सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। बेगूसराय से आई एक खबर ने न केवल शिक्षा व्यवस्था बल्कि पुलिसिया इकबाल पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जहां एक चौथी कक्षा का छात्र स्कूल के टॉयलेट में मिली शराब पीकर घर पहुंचा। यह घटना बताती है कि बिहार में स्कूल में शराब की जमीनी हकीकत क्या है और कैसे तस्करों के हौसले बुलंद हैं।
स्कूल में शराब: टॉयलेट बना ‘शराब गोदाम’
मामला बेगूसराय जिले के बछवारा थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय सिसवा का है। सोमवार को रोज की तरह चौथी कक्षा का छात्र मोहम्मद परवेज आलम का पुत्र स्कूल गया था। स्कूल परिसर के पूर्वी भाग में एक जर्जर टॉयलेट था, जिसे शराब तस्करों ने अपना सुरक्षित गोदाम बना रखा था। मासूम बच्चा जब उस टॉयलेट में पहुंचा, तो उसने शराब की बोतलों से भरे कार्टून देखे। नासमझी में बच्चे ने बोतल खोलकर शराब पी ली। कुछ ही देर में शराब का असर हुआ और बच्चा नशे में झूमने लगा।
जब वह गिरते-पड़ते अपने घर पहुंचा और उसकी मां रिजवाना खातून ने उसकी हालत देखी, तो कोहराम मच गया। बच्चे के मुंह से शराब की तेज दुर्गंध आ रही थी और उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह घटना स्कूल परिसर में शराब तस्करी के भयावह सच को उजागर करती है, जहां शिक्षा के मंदिर को नशे के कारोबार का अड्डा बना दिया गया था।
छात्र के नशे में होने का खुलासा और पुलिस कार्रवाई
परिजनों ने जब बच्चे के दोस्तों से पूछताछ की, तो स्कूल के शौचालय में शराब छिपे होने का राज खुला। आनन-फानन में परिजन स्कूल पहुंचे और प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुर्शाली को इसकी जानकारी दी। जब हेडमास्टर और ग्रामीणों ने मिलकर टॉयलेट का दरवाजा खोला, तो वहां विदेशी शराब की पेटियों का अंबार लगा था। सूचना मिलते ही बछवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से करीब 204 लीटर विदेशी शराब (23 कार्टून) जब्त की। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश और जांच की आंच
इस चौंकाने वाली घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर स्कूल के वर्किंग आवर्स के दौरान तस्कर इतनी बड़ी खेप अंदर कैसे ले आए? क्या इसमें स्कूल प्रशासन या स्थानीय पुलिस की किसी मिलीभगत की संभावना है? शराब तस्करी के इस बड़े नेटवर्क को उजागर करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। मासूम छात्र का प्राथमिक उपचार कराया गया है और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







