पटना हाई कोर्ट के जातीय जनगणना पर रोक हटने के बाद इस फैसला को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी हुई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी जातीय जनगणना पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, अब इस मामले में 14 अगस्त को सुनवाई होगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई हड़बड़ी नहीं है। इससे पहले बिहार मे जातीय जनगणना पर पटना हाई कोर्ट से तो राज्य सरकार को राहत मिल गई थी। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देती एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है।
जानकारी के अनुसार,पटना हाईकोर्ट में जाति आधारित गणना के खिलाफ याचिका दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया जाति आधारित जनगणना पर अंतरिम रोक लगा दी थी। 3 से 7 जुलाई तक कोर्ट में सुनवाई हुई।
सात जुलाई को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला एक अगस्त तक के लिए सुरक्षित रख लिया। एक अगस्त को हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी के खंडपीठ जातिगत जनगणना करने का आदेश दिया।
आज सोमवार को जाति आधारित जनगणना के 5 दिन पूरे हो चुके हैं। माना जा रहा है एक-दो दिन में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अगले सप्ताह सोमवार को इस पर सुनवाई की जानी है। ऐसे में जातिगत आधारित जनगणना को लेकर सरकार के पास लगभग एक सप्ताह का अतिरिक्त वक्त मिल गया है।
बिहार में जाति आधारित जनगणना का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं, पटना हाई कोर्ट की तरफ से तमाम जाति आधारित जनगणना और आर्थिक सर्वे को रोकने वाली याचिकाओं को खारिज किए जाने के बाद सरकार ने अगले दिन से ही जाति आधारित जनगणना का काम शुरू कर दिया है।
जाति आधारित जनगणना का काम पूरा करने में महज सात दिनों का वक्त लगने की बात कही जा रही थी। बीते बुधवार से इस काम को दोबारा शुरू किया गया है। माना जा रहा है तब तक राज्य सरकार जाति आधारित जनगणना का काम पूरा कर लेगी।
दूसरी ओर, बिहार में जाति आधारित गणना का काम कई जिलों में सौ फीसद पूरा हो चुका है। जबकि कुछ जिलों में यह काम 95 फीसदी तक हुआ है। बिहार के सबसे बड़े जिले व राजधानी पटना में गणना का काम 92 फीसदी पूरा हो चुका है। अब संभावना यह है कि सरकार शीघ्र ही इस गणना का रिजल्ट जारी करेगी। जिन जिलों में गणना का काम पूरा हो चुका है, वहां आंकड़ों को मिलाने आदि का काम चल रहा है।
ऐसे में,कोर्ट ने कहा कि बिहार में जातीय गणना का काम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। कुछ दिन में 90 फीसदी भी हो जाएगा। अब रोक लगाने से क्या ही फर्क पड़ता है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 14 अगस्त को होगी। इसमें ये फैसला लिया जा सकता है कि जातीय जनगणना पर रोक लगेगी या नहीं हालांकि आज हुई सुनवाई से साफ हो गया है कि जातीय जनगणना पर अब रोक नहीं लगेगी।






