Patna Cyber Crime News: बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पारिवारिक रिश्तों का इस्तेमाल कर एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह का संचालन एक बीटेक इंजीनियर कर रहा था, जिसमें उसकी पत्नी और साला भी शामिल थे। उन्होंने मिलकर 400 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया और करोड़ों रुपये की ठगी की।
साइबर पुलिस ने बुधवार को इस गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को मेहंदीगंज थाना क्षेत्र के नवनीत नगर स्थित एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। ठगी के शिकार हुए लोग बिहार के अलावा कई अन्य राज्यों से भी हैं। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
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कैसे हुआ ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश?
पुलिस को लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि मेहंदीगंज के नवनीत नगर में कुछ साइबर ठग सक्रिय हैं। इन सूचनाओं के आधार पर, साइबर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। बुधवार सुबह गठित टीम ने रणनीति बनाकर छापेमारी की और तीन शातिर ठगों को धर दबोचा।
साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मौके से तीन मोबाइल, दो आधार कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, पांच सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद हुआ है। हालांकि, ठगी में साथ देने वाले दो अन्य आरोपी, जिनमें गिरोह के सरगना का भाई भी शामिल है, अभी भी फरार हैं।
क्या थी ठगी की ‘मोडस ऑपरेंडी’?
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को अपनी ठगी के तरीके के बारे में बताया। वे अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को फोन करते थे। उनका मुख्य काम लोगों को बैंक से लोन दिलाने, एटीएम का पिन जेनरेट करने, नया एटीएम कार्ड बनवाने या क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देना था।
ठगों ने बताया कि वे रोजाना लगभग सौ लोगों से संपर्क करते थे। इसमें से एक या दो लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे, जिसके बाद वे उनसे पैसे की ठगी कर लेते थे। यह Bihar Cyber Fraud का एक संगठित मामला है, जिसमें तकनीक और धोखे का इस्तेमाल किया गया। डीएसपी ने यह भी बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बैंक पासबुक खंगाले जा रहे हैं, ताकि उनकी काली कमाई का पता चल सके।
मास्टरमाइंड इंजीनियर और परिवार की संलिप्तता
इस शातिर गिरोह का मुख्य सरगना गौरव राज है, जो नालंदा जिले के नवदुर्गा का निवासी है। हैरानी की बात यह है कि गौरव राज एक बीटेक इंजीनियर है। वह नौकरी की तलाश में था, लेकिन इस बीच उसने साइबर ठगी का रास्ता अपना लिया। उसके इस आपराधिक कार्य में उसकी पत्नी सपना कुमारी और उसका साला निखिल कुमार भी पूरी तरह से साथ देते थे। निखिल कंकड़बाग के अशोकनगर वार्ड-11 का रहने वाला है।
पुलिस का कहना है कि गौरव राज का भाई और उसका एक साथी भी इस ठगी में शामिल था और वे दोनों फरार हैं। डीएसपी धारिया ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों की संपत्ति जब्त की जाएगी। पुलिस फिलहाल आरोपियों से यह जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने देश के किन-किन राज्यों के लोगों को ठगा है।
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इससे पहले, रूपसपुर थाना क्षेत्र के विजयनगर और रामजयपालनगर में भी छापेमारी कर 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया था। बिहार पुलिस साइबर ठगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है, ताकि आम जनता को ऐसे अपराधों से बचाया जा सके।
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