
दिल्ली आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार किये गये दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने सोमवार दोपहर राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने अदालत से मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए पांच दिनों की रिमांड मांगी। सीबीआई के स्पेशल जज एमके नागपाल की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
दलील दी कि वह पूछताछ में कई सवालों के जवाब नहीं दिये, इसलिए उन्हें रिमांड पर लेने की जरूरत है। इससे पहले जज ने सीबीआई से मनीष सिसोदिया को कस्टडी में लेने की वजह के बारे में पूछा। सीबीआई ने कहा कि हमें उस फोन के बारे पूछताछ करनी है जो मनीष सिसोदिया साल 2020, जनवरी से इस्तेमाल कर रहे थे। सीबीआई ने कहा कि पूछताछ के लिए रिमांड जरूरी है।
इधर, मनीष सिसोदिया से लगभग 8 घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने उन्हें कल यानि रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। मनीष सिसोदिया के इस गिरफ्तारी के बाद आप के कार्यकर्ता और नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा है और पूरे देश में आम आदमी पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान ऐसा ही प्रदर्शन बिहार की राजधानी पटना की सड़को पर नजर आया। जहाँ आप कार्यकर्त्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर नारे लगाते नजर आये।
आज पटना के बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर आम आदमी पार्टी के तमाम कार्यकर्ता और नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें बीजेपी कार्यालय का घेराव करने से रोक दिया लेकिन फिर भी वह जमकर नारेबाजी करने लगे। साफ तौर पर उन्होंने कहा है कि हमारे नेता मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी बिल्कुल नाजायज गिरफ्तारी है और 24 घंटे के भीतर उन्हें रिहा किया जाए। कार्यकर्ताओं ने आगे कहा कि झूठा आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी की सरकार को बदनाम किया जा रहा है।
वहीं, दिल्ली में मनीष सिसोदिया के वकील ने इसका विरोध किया। कहा कि सीबीआई मनीष सिसोदिया से कई बार पूछताछ कर चुकी है। उनके ठिकानों पर छापेमारी भी की जा चुकी है। अब तक उनके खिलाफ कुछ भी नहीं मिला है। मनीष सिसोदिया के वकील ने कहा कि उन्हें जमानत मिलनी चाहिए।
शराब नीति में पारदर्शिता बरती गई. एलजी की जानकारी में सबकुछ हुआ। वकील ने कहा कि सिसोदिया ने चार फोन इस्तेमाल किए, जिनमें से तीन नष्ट हो गए? ऐसे में मुझे क्या करना होगा? उन फोन को इस उम्मीद में संभाले रखते कि एजेंसी आकर गिरफ्तार कर लेगी? इन ग्राउंड पर रिमांड देना उचित नहीं होगा।
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करने से पहले सीबीआई उनका मेडिकल टेस्ट कराया। कोर्ट में सीबीआई ने कहा कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में कमीशन पांच से 12 करोड़ रुपये मिलने थे। साथ ही सीबीआई ने कहा कि पूछताछ करनी थी। इसलिए रिमांड की जरूरत है। दिल्ली की रॉउज एवन्यू कोर्ट में सीबीआई स्पेशल जज एम के नागपाल के कोर्ट में मनीष सिसोदिया की तरफ से उनका पक्ष रखने वकील मोहित माथुर और सिद्धार्थ अग्रवाल पहुंचे थे।







