



Bihar News: CM नीतीश का वैशाली से मेगा ऐलान, ‘सात निश्चय-3’ से बदलेगी बिहार की तकदीर, 1 करोड़ युवाओं को नौकरी का वादा!
Bihar News: सियासत की बिसात पर जब वादों के मोहरे सजाए जाते हैं, तो उम्मीदों का कारवां चल पड़ता है। बिहार के वैशाली में मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसी ही घोषणाओं की झड़ी लगा दी, जिससे विकास की एक नई तस्वीर उभरती दिख रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान वैशाली जिले के पानापुर स्थित बटेश्वरनाथ धाम परिसर में एक जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने न केवल अपनी सरकार की पिछली उपलब्धियों का ब्यौरा दिया, बल्कि 2025 से 2030 तक के लिए बिहार के विकास का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप ‘सात निश्चय-3’ भी पेश किया।
Bihar News: सात निश्चय-3 से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों के लिए सरकार के सात नए संकल्पों की घोषणा की, जिसका उद्देश्य बिहार को विकास के शीर्ष राज्यों में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ‘सात निश्चय-3’ के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- दोगुना रोजगार-दोगुनी आय: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार: सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना होगी और बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू किया जाएगा।
- कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि: डेयरी और मछली पालन के साथ-साथ मखाना उत्पादन को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा।
- उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य: हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे तथा एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण होगा।
- सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन: जिला और प्रखंड अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्रों में तब्दील किया जाएगा और सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी।
- मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार: नए नियोजित शहरों की स्थापना, 5 नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का दोहरीकरण किया जाएगा।
- सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living): आधुनिक तकनीक का उपयोग कर नागरिकों के लिए सरकारी सुविधाओं को सुलभ बनाया जाएगा।
2005 से पहले और अब के बिहार में जमीन-आसमान का फर्क
मुख्यमंत्री ने 2005 से पहले की स्थिति को याद दिलाते हुए कहा, “याद है ना पहले क्या स्थिति थी? लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में कितना विवाद और हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था? हमने कानून का राज स्थापित किया और विकास के काम में लगे रहे।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हर तबके के लिए काम किया है, चाहे वह हिन्दू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो या दलित-महादलित हो। कब्रिस्तान और मंदिरों की घेराबंदी जैसे कदमों से राज्य में प्रेम और भाईचारे का माहौल बना है। अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि विकास ही उनकी प्राथमिकता है।
वैशाली जिले के लिए विकास की सौगात
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वैशाली जिले में हुए और होने वाले विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, मेडिकल कॉलेज, और कई पुलों-सड़कों का निर्माण कराया गया है। बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय और स्मृति स्तूप का निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है। सात निश्चय-3 के तहत वैशाली में एक नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा, डेयरी को बढ़ावा देने के लिए सभी पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे और स्वास्थ्य सेवाओं को अति विशिष्ट बनाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी बताया कि जिले की 4 लाख 83 हजार महिलाओं को रोजगार के लिए आर्थिक मदद दी जा चुकी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
केंद्र सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा, “बिहार के विकास में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हम नमन करते हैं।” उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता मिली है और 2025 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में होना गौरव की बात है। इस कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, और जिले के प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। यह कार्यक्रम सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि विकसित बिहार की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




