
डीएसपी अमित शरण पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। गृह विभाग इसको लेकर सख्त और गंभीर है। राज्य सरकार ने डीएसपी अमित शरण के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दे दिए है। अमित शरण के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश सरकार के गृह विभाग ने जारी भी कर दिया है। इससे साफ है कि अमित की मुश्किलें बढ़ने वाली है। वहीं, दूसरे डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु को आजादी मिली है। उन्हें निलंबन से मुक्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं उन्हें अब पुलिस मुख्यालय में तैनात भी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, डीएसपी अमित शरण वर्ष बीस से ही सरकार के रडार पर थे। उनपर आरोप है कि अगस्त 2020 से अगस्त 2022 तक पटना के पटना सिटी में एसडीपीओ के पद पर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरती। अब पुलिस मुख्यालय ने आरोपों को सही पाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, डीएसपी अमित शरण को पंद्रह दिनों का समय दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, अगर अमित शरण दोषी पाए जाते हैं तो उनकी मुश्किलें औंर बढ़ेंगी। गृह विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय कार्रवाई के आदेश के बाद सबसे पहले उन्हें नोटिस दिया गया है। अमित शरण को नोटिस भेज कर यह पूछा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। जवाब देने के लिए अमित शरण को पंद्रह दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।
वहीं, सरकार ने डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु को निलंबन से मुक्त कर दिया है। मनोज कुमार सुधांशु अब पुलिस मुख्यालय में तैनात किए गए हैं। DSP मनोज पर आरोप है कि साल 2018 में कहलगांव के एसडीपीओ रहते हुए उन्होंने कहलगांव थाना में दर्ज कांड संख्या 337 में लापरवाही बरती थी। इसी आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।







