
बिहार में अफसरशाही का अब अलग ही चेहरा नजर आने लगा है। पिछले कुछ समय से आईएएस हों या आईपीएस हर अधिकारी का चेहरा संदेह के घेरे में है। इसको लेकर खबरें भी सुर्खियों में रहीं हैं। ताजा विवाद कहें या नया मामला आईपीएस अधिकारी जयंतकांत से जुड़ा है, जिन्हें आईजी आईजी पंकज कुमार सिन्हा ने हाथ में कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।
इसके साथ ही चार थानेदारों की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है तो गायघाट, मनियारी, कटरा, सिवाईपट्टी, बेला थाना के अलावा बरियारपुर और सिकंदपुर थाने भी रडार पर हैं।
जानकारी के अनुसार, आइपीएस जयंतकांत पर अपने कार्यशैली में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने नोटिस दिया गया और जवाब देने को कहा गया है। आइपीएस जयंतकांत की तरफ से संतोषजनक जवाब ना मिलने पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
जयंतकांत को भेजे गए नोटिस के साथ ही पुलिस महकमा में खलबली मची है। दरअसल, मुजफ्फरपुर में एसएसपी रहते उन्होंने कार्यों में घोर लापरवाही बरती। उसी दौरान से उनपर सवाल उठने लगे थे।
बिना नियमों को ध्यान में रखते थानेदारों की पोस्टिंग के खूब मजे इन्होंने लिए। इसमें गायघाट, मनियारी, कटरा, सिवाईपट्टी, बेला थाना के अलावा बरियारपुर और सिकंदपुर ओपी शामिल हैं।
साथ ही इंस्पेक्टर के लिए अधिसूचित मीनापुर और मोतीपुर थाने में सब इंस्पेक्टर को थानेदार बनाए जाने का भी मामला हैं। बता दें कि नियम के अनुसार एक बार पोस्टिंग के बाद थानेदार को वहां तीन साल तक रहना पड़ता है। इससे पहले पोस्टिंग या नया थानेदार नहीं बनाया जा सकता।
आइपीएस जयंतकांत पर इसी नियम का उल्लंघन करने का आरोप हैं। जिसे लेकर IG पंकज कुमार सिन्हा ने उनके खिलाफ बड़ा एक्शन लिया हैं। IPS जयंतकांत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।






