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बिहार के 2203 पैक्सों में बनेंगे गोदाम

भंडारण क्षमता में वृद्धि होने से अनाज बर्बाद होने से बचेगा। वर्तमान में धान खरीद के दौरान कम भंडारण क्षमता औरकई पैक्सों को किराए पर गोदाम लेने या खुले में धान के बोरे रखने की मजबूरी रही है। अब पैक्सों के पास अपना गोदाम होने से समस्या से निजात मिलेगी।

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बिहार में किसानों का अनाज सुरक्षित रखने के लिए अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसी के तहत अगले पांच साल में 2200 गोदाम बनाने की योजना है। चौथे कृषि रोड मैप में इसे शामिल किया जा रहा है। दरअसल, किसानों का अनाज सुरक्षित रखने के लिए राज्य में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसी के तहत अगले पांच साल में 2200 गोदाम बनाने की योजना है।

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यानी शेष बचे 2203 पैक्सों और व्यापार मंडलों में भी गोदाम बनाए जाएंगे। चौथे रोड मैप में सहकारिता विभाग की योजना है कि शेष बचे पैक्सों में गोदाम बन जाने के बाद दस लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता की वृद्धि हो जाएगी। रोड मैप में इसके अलावा अरवा चावल मिल के स्थान पर सहकारी समितियों में उसना चावल मिल की स्थापना करनी है।

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वर्तमान में राज्य में कुल 8984 पैक्स एवं व्यापार मंडल हैं। इसमें से 6781 पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में गोदाम सह कार्यालय का निर्माण हो चुका है। इन गोदामों की भंडारण क्षमता 14 लाख मीट्रिक टन है। अब योजना है कि शेष बचे पैक्सों और व्यापार मंडलों में भी गोदाम का निर्माण कराया जाए। यानी शेष बचे 2203 पैक्सों और व्यापार मंडलों में भी गोदाम बनाए जाएंगे।

चौथे रोड मैप में सहकारिता विभाग की योजना है कि शेष बचे पैक्सों में गोदाम बन जाने के बाद दस लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता की वृद्धि हो जाएगी। रोड मैप में इसके अलावा अरवा चावल मिल के स्थान पर सहकारी समितियों में उसना चावल मिल की स्थापना करनी है। वर्तमान में राज्य में 468 पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में राइस मिल की स्थापना की जा चुकी है।

भंडारण क्षमता में वृद्धि होने से अनाज बर्बाद होने से बचेगा। वर्तमान में धान खरीद की प्रक्रिया के दौरान कम भंडारण क्षमता होने से कई पैक्सों को किराए पर गोदाम लेना पड़ता है। या फिर खुले में धान के बोरे रखने पड़ते हैं। सभी पैक्सों के पास अपना गोदाम होने से इस समस्या से निजात मिलेगी।

चौथे कृषि रोड मैप में योजना है कि राज्य के सभी सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के पास अपना कृषि संयंत्र बैंक हो। अभी 2899 पैक्सों में 10 हजार 620 संयंत्रों की खरीद की जा चुकी है। 1750 संयंत्रों की खरीद की प्रक्रिया चल रही है।

चौथे रोड मैप में पैक्सों के कम्प्यूटरीकरण का काम पूरा हो जाएगा। अभी राज्य के 2223 पैक्सों में काम चल रहा है। कम्प्यूटरीकरण पूरा हो जाने से पैक्सों का कारोबारी दायरा बढ़ेगा। यहां से बैंकिंग गतिविधियां भी संचालित होंगी।

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