
हजारों की संख्या में छात्र सरकार से रिजल्ट नहीं तो इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए जेडीयू, आरजेडी और बीजेपी कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। सरकार ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग के कनीय अभियंता पद के लिए साल 2019 में वैकेंसी निकाली थी। फिर क्या हुआ पढ़िए पूरी खबर
मामला यह है कि,दरअसल बिहार सरकार ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग के जूनियर इंजीनियर पद के लिए साल 2019 में वैकेंसी निकाली थी। इसकी परीक्षा भी हुई साथ ही रिजल्ट भी जारी कर दिया गया था। लेकिन फिर आयोग की ओर से यह कहकर रिजल्ट को वापस ले लिया गया कि उसमे संशोधन करना है।
संशोधन के नाम पर रिजल्ट वापस ले लिया गया। लेकिन, चार साल बीत जाने के बावजूद रिजल्ट का फिर से प्रकाशन नहीं हुआ है। पिछले चार साल से अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। वही अब छात्र सड़क पर उतर आए हैं। साथ ही रिजल्ट वापस जारी करने की मांग कर रहे है नहीं तो इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं।
इसी को लेकर छात्र अब सड़क पर उतर गए है। साथ ही सैकड़ों की संख्यां में छात्रों ने बीजेपी, आरजेडी और जदयू कार्यालय का घेराव किया है। इसे देखते हुए सभी कार्यलय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। छात्र सरकार से रिजल्ट नहीं तो इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं।अभ्यर्थियों का कहना है कि आखिर क्या कारण है कि सरकार बार-बार पीछे हट रही है। आयोग के कई सचिव और अध्यक्ष बदल गए लेकिन बहाली प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। जल्द से जल्द इसका रिजल्ट जारी कर बहाली की प्रतिक्रिया शुरू की जाए।







