
India Semiconductor: जैसे किसी महायज्ञ की पूर्णाहुति से पहले उसका संकल्प लिया जाता है, ठीक उसी तरह भारत ने तकनीकी आत्मनिर्भरता का महासंकल्प लेते हुए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी धाक जमाने का बिगुल फूंक दिया है। 2032 तक वैश्विक पटल पर शीर्ष 6 देशों में शामिल होने का लक्ष्य भारत ने साधा है।
India Semiconductor: 2032 तक दुनिया के टॉप-6 सेमीकंडक्टर हब में होगा भारत, मंत्री वैष्णव ने बताया रोडमैप
India Semiconductor: भारत में तेजी से बन रहे हैं चार नए प्लांट
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वाकांक्षी खाका प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य 2032 तक वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में शीर्ष छह देशों में शामिल होना है। यह लक्ष्य नए संयंत्रों की स्थापना और एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर आधारित है। मंत्री वैष्णव ने मंगलवार को गुजरात में एक अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर संयंत्र के उद्घाटन के बाद इस तीव्र रोडमैप का अनावरण किया, जिसमें 2026 तक चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों के तैयार होने की उम्मीद जताई गई है। यह एक महत्वपूर्ण घोषणा है जो भारत को वैश्विक चिप विनिर्माण के केंद्र में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सानंद में केयन्स सेमीकॉन के ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) संयंत्र का उद्घाटन किया। इसके बाद मंत्री वैष्णव ने बताया कि 2026 तक चार और 2027 तक दो सेमीकंडक्टर संयंत्र चालू हो जाएंगे। देश की पहली फैब्रिकेशन इकाई 2028 तक धोलेरा में बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सानंद इकाई लगातार दूसरे वर्ष उद्घाटन किया गया देश का दूसरा सेमीकंडक्टर प्लांट है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे पहले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के पहले संयंत्र का उद्घाटन 28 फरवरी को हुआ था, और अब 31 मार्च को यह दूसरा संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया गया है। तीसरा संयंत्र जुलाई में उद्घाटन के लिए तैयार हो जाएगा।
अभूतपूर्व गति से हो रहा सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का क्रियान्वयन
परियोजनाओं के क्रियान्वयन की अभूतपूर्व गति पर प्रकाश डालते हुए, वैष्णव ने बताया कि सानंद का यह संयंत्र महज 14 महीनों के रिकॉर्ड समय में नींव रखने से लेकर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती क्षमता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है, खासकर चिप विनिर्माण के क्षेत्र में। इस तीव्र विकास ने देश भर के युवा इंजीनियरों और छात्रों में एक नया उत्साह भर दिया है, जो इस क्षेत्र में अपने भविष्य की संभावनाओं को देख रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में, केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत को गुणवत्ता और लागत दोनों के मोर्चों पर उत्कृष्टता हासिल करनी होगी। उन्होंने कहा, “हमें गुणवत्ता और लागत के मामले में जीत हासिल करनी होगी; तभी हम विश्व में अपनी स्थिति बनाए रखेंगे और उसे मजबूत कर सकेंगे।” यह बयान इस बात का द्योतक है कि भारत सिर्फ संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रतिस्पर्धात्मकता पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। यह एक ऐसा लक्ष्य है जो भारत को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने की दिशा में आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




