
एलपीजी सब्सिडी: अगर आप भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार ने एलपीजी सब्सिडी के नियमों में अब सख्ती कर दी है, जिसका सीधा असर देश के लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। अब कई उच्च आय वर्ग के लोगों के बैंक खातों में आने वाली सब्सिडी रुक जाएगी।
केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए बड़े नियम बदले हैं। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक सकल कर योग्य आय 10 लाख रुपये या उससे अधिक है, उन्हें अब ‘उच्च आय वर्ग’ में माना जाएगा। ऐसे लोगों को अब गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। पेट्रोलियम कंपनियों ने ऐसे ग्राहकों को SMS भेजकर अलर्ट करना शुरू कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसके अलावा, कई फर्जी या फिर निष्क्रिय गैस कनेक्शनों पर भी हमेशा के लिए ताला लगने जा रहा है।
कैसे हो रही है उच्च आय वर्ग के उपभोक्ताओं की पहचान?
खास बात यह है कि तेल कंपनियों ने आयकर विभाग के साथ मिलकर ऐसे सक्षम लोगों का डाटा तैयार कर लिया है। अब गैस कनेक्शन के डेटाबेस को सीधे पैन कार्ड और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के रिकॉर्ड से मिलाया जा रहा है। जिन लोगों की सालाना आय 10 लाख रुपये या उससे अधिक है या वे ITR भरते हैं, उन्हें अब तेल कंपनियों की ओर से SMS भेजकर घरेलू गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ने को कहा जा रहा है।
एलपीजी सब्सिडी: लाखों उपभोक्ताओं पर सीधा असर
इस कदम से देश भर के लाखों उपभोक्ताओं के खातों में आने वाली एलपीजी सब्सिडी रुक जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे सब्सिडी का लाभ सही मायनों में जरूरतमंदों तक पहुंच पाएगा। फर्जी और निष्क्रिय कनेक्शनों को बंद करने से भी सरकार को बड़ी बचत होगी, जिसका उपयोग जन कल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







