
गैंगरेप: बिहार के मोतिहारी से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक नाबालिग लड़की को उसके घर के पास से अगवा कर रिश्तेदारों और उनके दोस्तों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। इस जघन्य वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है।
पीड़िता, जो एक नाबालिग है, फिलहाल सदर अस्पताल में गंभीर चोटों के साथ भर्ती है। मेडिकल स्टाफ ने बताया कि आघात और शारीरिक चोटों, जिसमें होठों पर सूजन भी शामिल है, के कारण लड़की बोलने में असमर्थ है। परिवार के सदस्यों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, जब लड़की ने विरोध करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उस पर अत्यधिक हिंसा की, उसके सीने, गर्दन और उंगलियों पर बार-बार काटा। यह घटना गुरुवार शाम को रक्सौल थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी।
गैंगरेप: कैसे हुई वारदात और कौन हैं गुनहगार?
पीड़िता की मां ने बताया कि गुरुवार रात करीब 7:30 बजे लड़की बकरियों को बांधकर घर लौट रही थी, तभी अपने घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर उसे रोक लिया गया। मां ने कहा, “हमारे घर और गौशाला के बीच का इलाका सुनसान है। मेरी बेटी अभी 100 मीटर दूर ही थी कि आरोपियों ने उसका मुंह बंद कर दिया, उसे उठाया और साथ ले गए।” मुख्य आरोपी, जिसे पीड़िता का चचेरा भाई बताया जा रहा है, ने अपने चार-पांच दोस्तों के साथ मिलकर पास के एक खेत में इस वारदात को अंजाम दिया।
जांचकर्ताओं ने पुष्टि की है कि घटनास्थल से खून के धब्बे और पीड़िता की चप्पलें मिली हैं, जो सड़क से लगभग 20 फीट नीचे थी। ग्रामीणों का दावा है कि मुख्य संदिग्ध हाल ही में नेपाल से लौटा था और अपहरण के समय कथित तौर पर शराब के नशे में था। आरोप है कि उसने लड़की की चीखों को दबाने के लिए गमछे का इस्तेमाल किया और फिर उसे खेत में घसीट ले गया। यह भयानक गैंगरेप न सिर्फ एक अपराध था बल्कि एक पारिवारिक प्रतिशोध का भी परिणाम निकला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस भयावह हमले की त्रासदी एक पुराने पारिवारिक विवाद से और बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पीड़िता और मुख्य आरोपी के परिवारों के बीच दादा-परदादा के जमाने से जमीन को लेकर एक कड़वा, लंबे समय से चला आ रहा विवाद था – यह झगड़ा इतना गहरा था कि दोनों परिवारों ने लंबे समय से एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया था।
पुलिस की कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
जब पीड़िता के भाई ने चीखें सुनीं और खेत की ओर दौड़े, तब तक अपराधी मौके से फरार हो चुके थे। बाद में जब पीड़िता के परिवार ने संदिग्धों का उनके घर पर सामना किया, तो कथित तौर पर वहां और शारीरिक हिंसा हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रक्सौल के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) और IPS परिवीक्षाधीन हेमंत कुमार ने पुष्टि की कि पांच व्यक्तियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है। कुमार ने कहा, “इस मामले में दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।”
यह मामला पूरे जिले में सनसनी फैला चुका है, जिसने ग्रामीण बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा के साथ-साथ पारिवारिक विवादों और लिंग-आधारित हिंसा के घातक मेल पर चल रही चिंताओं को उजागर किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है और ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया है।






