
LPG Cylinder Price: पड़ोसी देश में हाहाकार! अब मिलेगा सिर्फ आधा भरा सिलेंडर, जानिए क्या है पूरा मामला
LPG Cylinder Price: पड़ोसी मुल्क की रसोई में जैसे आग ही बुझ गई हो, क्योंकि अब चूल्हा जलाने के लिए पूरा नहीं बल्कि आधा सिलेंडर ही मिलेगा। नेपाल आयल निगम ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नेपाल में पिछले करीब दो महीनों से रसोई गैस की किल्लत चल रही है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए नेपाल आयल निगम ने एक बड़ा और अप्रत्याशित कदम उठाया है। निगम ने अब उपभोक्ताओं को पूरा भरा हुआ सिलेंडर देने की बजाय केवल आधा भरा हुआ गैस सिलेंडर ही उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह फैसला गुरुवार को निगम की संचालक समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी पुष्टि कार्यकारी निदेशक चंद्रिका भट्ट ने की।
क्यों बिगड़े हालात और क्या है LPG Cylinder Price पर इसका असर?
निगम के अनुसार, इस संकट के पीछे दो बड़ी वजहें हैं। पहली, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण लोगों में डर का माहौल है। उन्हें लगता है कि आने वाले समय में आपूर्ति बाधित हो सकती है, इसलिए वे ज़रूरत से ज़्यादा सिलेंडर जमा करने लगे हैं। इस जमाखोरी की प्रवृत्ति ने बाज़ार में कृत्रिम कमी पैदा कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण वजह भारत से होने वाली आपूर्ति में कमी है।
नेपाल अपनी गैस की ज़रूरतों के लिए पूरी तरह से इंडियन आयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) पर निर्भर है। निगम आईओसी से गैस खरीदकर नेपाल में वितरित करता है। लेकिन, हाल के दिनों में भारत से मांग के अनुरूप गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे संकट और भी गहरा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जहां नेपाल में औसतन प्रतिदिन लगभग 120 गैस बुलेट (टैंकर) की आवश्यकता होती है, वहीं वर्तमान में मुश्किल से 80 बुलेट के आसपास ही आपूर्ति हो पा रही है। यह 40 टैंकरों का सीधा घाटा नेपाल की रसोई पर भारी पड़ रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आधा सिलेंडर देने का फैसला क्यों?
कार्यकारी निदेशक चंद्रिका भट्ट ने बताया कि संचालक समिति ने बहुत सोच-विचार के बाद यह निर्णय लिया है। उनका तर्क है कि आधा सिलेंडर देने से जमाखोरी पर लगाम लगेगी और अधिक से अधिक परिवारों तक खाना पकाने वाली गैस पहुंचाई जा सकेगी। जब लोगों को पता होगा कि उन्हें पूरा सिलेंडर नहीं मिलेगा, तो वे अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने से बचेंगे। इस कदम से वितरण प्रणाली को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, इस फैसले से उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है जिनके यहां खपत ज़्यादा है, क्योंकि उन्हें अब बार-बार सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में लगना होगा। निगम का मानना है कि जब तक भारत से आपूर्ति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।







