
नोएडा एयरपोर्ट: दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन बिहार और झारखंड के यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से अपने शुरुआती उड़ान ऑपरेशंस का खाका तैयार कर लिया है, लेकिन उसकी पहली लिस्ट में कई महत्वपूर्ण शहरों को जगह नहीं मिली है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने का इंतजार खत्म होने वाला है। इंडिगो एयरलाइंस के सिस्टम में अब इस एयरपोर्ट का IATA कोड ‘DXN’ दिखने लगा है और जल्द ही टिकट बुकिंग भी शुरू हो जाएगी। ये ऑपरेशन 15 जून 2026 से शुरू हो रहे हैं, लेकिन जो शुरुआती रूट मैप सामने आया है, उसने कई राज्यों के यात्रियों को निराश किया है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और गुजरात जैसे प्रमुख राज्यों के शहरों को इस लिस्ट में जगह नहीं मिली है।
कहां-कहां से उड़ेंगी नोएडा एयरपोर्ट की उड़ानें?
इंडिगो 15 जून 2026 से नोएडा एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों का श्रीगणेश करेगी। शुरुआती दौर के लिए जो शेड्यूल सामने आया है, उसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- 15 जून 2026 (उद्घाटन दिवस): पहले दिन लखनऊ-नोएडा-बेंगलुरु-नोएडा-लखनऊ रूट पर विशेष उड़ानें होंगी। इसी दिन से हैदराबाद और अमृतसर के लिए भी दैनिक उड़ानें शुरू होंगी।
- 16 जून 2026: इस तारीख से बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित हवाई सेवा का विस्तार होगा।
- 01 जुलाई 2026 से विस्तार: दूसरे चरण में नवी मुंबई, श्रीनगर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, जयपुर, पंतनगर और चंडीगढ़ जैसे शहरों को जोड़ा जाएगा।
- क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: छोटे शहरों को बढ़ावा देने के लिए बरेली और किशनगढ़ को भी शुरुआती नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
हाई डिमांड वाले राज्यों को क्यों मिली मायूसी?
फ्लाइट शेड्यूल सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यात्रियों का तर्क है कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाली एक बड़ी आबादी उन राज्यों से आती है जिन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में बिहार और झारखंड के लाखों लोग रहते हैं। इसके बावजूद पटना, दरभंगा, गया, पूर्णिया और रांची जैसे शहरों के लिए एक भी सीधी उड़ान घोषित नहीं की गई है। त्योहारों और शादियों के सीजन में इन रूट्स पर उड़ानों की भारी मांग रहती है और टिकट की कीमतें आसमान छूती हैं, ऐसे में जेवर एयरपोर्ट से बड़ी राहत की उम्मीद थी।
देश के सबसे व्यस्त एयर रूट्स में से एक दिल्ली-कोलकाता सेक्टर होने के बावजूद शुरुआती सूची में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का नाम न होना चौंकाने वाला है। इसी तरह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के यात्रियों को भी फिलहाल नोएडा एयरपोर्ट से कोई फायदा नहीं मिलेगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण गुजरात के अहमदाबाद और सूरत को भी नेटवर्क से बाहर रखा गया है। दक्षिण भारत में जहां बेंगलुरु और हैदराबाद को जगह मिली है, वहीं चेन्नई जैसे महानगर को भी अभी इंतजार की सूची में रखा गया है।
एविएशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि इंडिगो एयरलाइंस सहित अन्य एयरलाइन कंपनियां अक्सर नए एयरपोर्ट पर ‘ट्रायल एंड एरर’ की रणनीति अपनाती हैं। शुरुआती चरण में उन रूट्स को प्राथमिकता दी गई है जहां ऑपरेशनल फिजिबिलिटी आसान है। हालांकि, यात्रियों की भारी मांग और दिल्ली-एनसीआर के डेमोग्राफिक प्रोफाइल को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि संचालन के कुछ महीनों के भीतर ही पटना, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों के लिए उड़ानों का विस्तार किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






