

पूर्वी चंपारण में जहरीली शराब पीने 22 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टी की जा रही है।जबकि, गंभीर रूप से बीमार दो दर्जन लोगों का इलाज चल रहा है। इस बीच इस पूरे मामले को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है। जिले के एसपी ने बड़ा एक्शन लिया है।
गंभीर रूप से बीमार 26 लोगों का इलाज चल रहा है। इस बीच इस पूरे मामले को लेकर एसपी ने बड़ा एक्शन लिया है। दरअसल, एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि, इस मामले में प्रथम दृष्टया सूचना नहीं देने के मामले में तीन चौकीदारों को दोषी पाया गया है।
तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है। स्पष्टीकरण के बाद सभी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले में संबंधित थाने की पुलिस की भूमिका के सवाल पर एसपी ने साफ किया कि मामले की जांच चल रही है। दोषी पाए जानेवाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में प्रथम दृष्टया सूचना नहीं देने के मामले में तीन चौकीदारों को दोषी पाया गया है। तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और स्पष्टीकरण पूछा गया है। स्पष्टीकरण के बाद सभी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मामले में संबंधित थाने की पुलिस की भूमिका के सवाल पर एसपी ने साफ किया कि मामले की जांच चल रही है। दोषी पाए जानेवाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले को लेकर पुलिस व मद्य निषेध विभाग लगातार छापेमारी कर रही। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ चल रही है।
वहीं, इस मामले को लेकर पुलिस व मद्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना पर कोटवा में भी छापेमारी की। इस दौरान वहां से स्पिरिट के खेप के निकलने की सूचना प्राप्त हुई। हालांकि, कोटवा से न तो स्पिरिट मिली, न कोई गिरफ्तारी हुआ। इस बीच सूचना मिली की कोटवा से खेप निकली चुकी है।
पुलिस खेप के पीछे दौड़ी और जयसिंहपुर में स्पिरिट जब्त की। यहां से तीन लोग हिरासत में लिए गए हैं। पूछताछ चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार का किंगपिन पकड़ा जाएगा।


