
मध्य पूर्व संघर्ष: आग की लपटों में घिरते पश्चिम एशिया से उठ रहा धुआँ, बता रहा है कि एक और बड़ी तबाही दस्तक दे रही है। इस भयावह स्थिति को देखते हुए, बीजू जनता दल (बीजेडी) के सांसद सस्मित पात्रा ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत की मेज पर आने का आह्वान किया है।
मध्य पूर्व संघर्ष: बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा की चिंता, बोले- ‘अब युद्ध समाप्त करने का समय आ गया है’
मध्य पूर्व संघर्ष पर पात्रा का आह्वान: संवाद से ही निकलेगा समाधान
सांसद पात्रा ने पश्चिम एशिया के संघर्ष को ‘बेहद चिंताजनक’ करार दिया है, जहाँ हर दिन हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। पात्रा ने साफ कहा कि इस संघर्ष को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए और दोनों पक्षों को बिना किसी देरी के शांति वार्ता के लिए आगे आना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी गंभीर समस्या का समाधान केवल संवाद, चर्चा और विचार-विमर्श से ही संभव है, न कि युद्ध या हिंसा से। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सांसद पात्रा ने मौजूदा स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्कूलों, नागरिक बस्तियों और उन देशों पर मिसाइलों का गिरना, जिनका इस संघर्ष से कोई सीधा संबंध नहीं है, यह दर्शाता है कि यह युद्ध कितनी तेजी से अपने दायरे को बढ़ा रहा है। यह मात्र दो पक्षों के बीच का टकराव नहीं रहा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए खतरा बन गया है। उन्होंने सभी प्रमुख वैश्विक शक्तियों, चाहे वह संयुक्त राज्य अमेरिका हो, इज़राइल हो, ईरान हो या अन्य राष्ट्र, से एकजुट होने और इस मानवीय संकट को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। भारत हमेशा से ही अहिंसा और शांति के सिद्धांतों में दृढ़ विश्वास रखता आया है।
पात्रा ने आगे भारत के अतीत के उदाहरणों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी भारत का दृष्टिकोण हमेशा संतुलित और संयमित रहा था। भारत ने कभी युद्ध का रास्ता नहीं अपनाया। इसलिए, इज़राइल-ईरान संघर्ष में भी इसी तरह की तार्किक, संतुलित और संयमित प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि इस युद्ध को समाप्त किया जाए, क्योंकि निर्दोष लोगों की जान जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व से आने वाली तस्वीरें हर दिन युद्ध के खतरे को और बढ़ा रही हैं; यह अब मात्र संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि एक व्यापक त्रासदी का रूप ले चुका है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भारत हमेशा से अहिंसा और शांति के सिद्धांतों में विश्वास रखता आया है। इसलिए, इस संघर्ष को समाप्त करने का समय आ गया है। इस गंभीर संकट को देखते हुए सभी पक्षों को शांति वार्ता का मार्ग अपनाना चाहिए।
पश्चिम एशिया में गहराता संकट: अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले और ईरान का पलटवार
28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई शहरों में समन्वित हवाई हमले किए, जिनमें सैन्य कमान केंद्रों, वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइल ठिकानों और प्रमुख शासनगत बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और चार वरिष्ठ सैन्य एवं सुरक्षा अधिकारियों की मौत की खबरें आईं, और तेहरान तथा अन्य प्रमुख शहरों में बड़े विस्फोटों की सूचना मिली। इसके जवाब में, ईरान ने इज़राइल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन सहित पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागकर जवाबी कार्रवाई की। इस जवाबी कार्रवाई ने मध्य पूर्व में संघर्ष को और बढ़ा दिया, जिससे नागरिकों और प्रवासियों के लिए खतरा भी बढ़ गया। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह एक गंभीर चुनौती है।






