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मार्च, 19, 2026
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देश के 14वें उपराष्ट्रपति बने जगदीप धनखड़, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ, पढ़िए धनखड़ का सफर

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को प्रसिद्ध वकील और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ को देश के 14वें उपराष्ट्रपति के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

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धनखड़ ने हिन्दी में शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने पुस्तिका में हस्ताक्षर किये। उन्होंने एम वेंकैया नायडू का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल बुधवार को समाप्त हो गया।

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राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में आयोजित धनखड़ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, प्रहलाद जोशी और निर्मला सीतारमण आदि मौजूद थे।

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इस मौके पर निवर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उपस्थित रहे। धनखड़ ने आज अपने दिन की शुरुआज राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की।

6 अगस्त को विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। जगदीप धनखड़ को 528 मत प्राप्त हुए जबकि मार्गरेट अल्वा को 182 मत मिले।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझूनु जिले में एक किसान परिवार में हुआ था।

उन्होंने चितौड़गढ़ सैनिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। भौतिक शास्त्र से स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने राजस्थान से ही वकालत की डिग्री हासिल की। राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने वकालत की। 1989 में वह पहली बार लोकसभा सांसद बने। झुंझुनु से ही उन्होंने लोकसभा की सीट जीती। वर्ष 1990 में वह संसदीय राज्यमंत्री बने। अजमेर जिले के किशनगढ़ विधानसभा से वर्ष 1993 में राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए। वर्ष 2019 में उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया।

वैसे तो धनखड़ का राजनीतिक सफर वर्ष 1989 से शुरू हुआ था। उस वर्ष धनखड़ भाजपा के समर्थन से जनता दल के टिकट पर झुंझुनू से लोकसभा चुनाव लड़े थे और इस चुनाव में वह जीत हासिल कर पहली बार संसद पहुंचे थे। धनखड़ केन्द्र सरकार में मंत्री भी रहे। जब जनता दल का विभाजन हो गया तो वह पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के खेमे में चले गए। बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन किया। धनखड़ को कांग्रेस ने अजमेर से लोकसभा चुनाव लड़ाया लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस के बाद धनखड़ वर्ष 2003 में भाजपा में शामिल हुए।

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जगदीप धनखड़ की पत्नी का नाम सुदेश धनखड़ है। जो एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बनस्थली विद्यापीठ से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। जगदीप धनखड़ और सुदेश धनखड़ की एक बेटी है। जिसका नाम कामना है। कामना ने एमजीडी स्कूल, जयपुर से पढ़ाई की है। कामना संयुक्त राज्य अमेरिका में बीवर कॉलेज (अब अर्काडिया विश्वविद्यालय) से स्नातक की उपाधि हासिल कर चुकी हैं।

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वहीं,भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने पर बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल के लिये शुभकामनाएं दीं।

नड्डा ने ट्वीट कर अपने बधाई संदेश में कहा,”जगदीप धनखड़ जी को देश के 14वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। मुझे विश्वास है कि आपके प्रशासनिक व सामाजिक कार्यों की दक्षता और क़ानूनी अनुभव का लाभ देश को मिलेगा। उच्च सदन के सभापति के रूप में आपकी भूमिका देश सेवा में नए आयाम स्थापित करेगी।”

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