Kerala Politics: केरल की चुनावी बिसात पर, जहां राजनीतिक मोर्चों की बिसात अक्सर उलझी रहती है, भाजपा ने तिरुवनंतपुरम निकाय चुनावों में अपनी पहली बड़ी चाल चली है। इस जीत को पार्टी राज्य में अपने विस्तार का लॉन्चपैड मान रही है।
केरल में मोदी का “फिक्स्ड मैच” वार: BJP की ऐतिहासिक जीत ने बदली Kerala Politics की तस्वीर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम में नवनिर्वाचित मेयर वीवी राजेश को लिखे पत्र के माध्यम से भाजपा की केरल में चुनावी विस्तार की रणनीति को बल दिया है। हालिया नगर निकाय चुनावों में मिली जीत को पार्टी राज्य में अपनी पैठ मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है। मोदी ने अपने पत्र में केरल के प्रमुख राजनीतिक मोर्चों – सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) – पर करारा हमला बोला। उन्होंने इन दोनों पर राज्य में “फिक्स्ड मैच” खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निकाय में भाजपा की यह पहली जीत इस ‘फिक्स्ड मैच’ की समाप्ति का संकेत है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “एलडीएफ और यूडीएफ का वह ‘फिक्स्ड मैच’ – दिल्ली में दोस्त और केरल में दुश्मन – अब समाप्त होने वाला है। केरल उनके झूठे वादों के बंधन से मुक्ति चाहता है।” गौरतलब है कि सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाला एलडीएफ वर्तमान में राज्य में सत्तासीन है, जबकि कांग्रेस यूडीएफ की अगुवाई करती है। राज्य की राजनीति में विरोधी होने के बावजूद, ये दोनों दल राष्ट्रीय स्तर पर INDIA Alliance Kerala के अंतर्गत सहोदर सहयोगी हैं।
प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में भाजपा के सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरने को “युग बदलने वाला” क्षण बताया। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद राज्य की राजधानी में भाजपा के सत्ता में आने पर मेयर राजेश, डिप्टी मेयर जीएस आशा नाथ और और अन्य पार्टी नेताओं को हार्दिक बधाई दी। पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को अत्यंत गर्व और खुशी का पल करार देते हुए इसे “सुनहरे अक्षरों में लिखा गया” एक मील का पत्थर बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रधानमंत्री के अनुसार, तिरुवनंतपुरम में मेयर और डिप्टी मेयर के शपथ ग्रहण के साथ ही एक नया इतिहास रचा गया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय “केरल के लोगों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं में, एक नए सवेरे की तैयारी को दर्शाता है”।
केरल की राजनीति: भाजपा के बढ़ते कदम और बदलते समीकरण
उन्होंने आगे जोर दिया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अब एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभर रहा है, जो “बिना किसी भेदभाव के राष्ट्रवाद, बिना भ्रष्टाचार के विकास और बिना तुष्टीकरण के शासन” के सिद्धांतों पर आधारित है।
पार्टी की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने दशकों से केरल में एक लंबा और चुनौतीपूर्ण सफर तय किया है, जिसे उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ दोनों के “कुशासन” का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों मोर्चों ने भ्रष्टाचार और हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा दिया है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता दृढ़ता से डटे रहे, निडर होकर जनहित के मुद्दे उठाते रहे और “इंडिया फर्स्ट” की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी।
तिरुवनंतपुरम की अपनी पिछली यात्राओं को स्मरण करते हुए मोदी ने कहा कि श्री पद्मनाभस्वामी के आशीर्वाद से इस ऐतिहासिक शहर ने कई महान नेताओं, समाज सुधारकों, कलाकारों और सांस्कृतिक हस्तियों को जन्म दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि “विकसित तिरुवनंतपुरम” के लिए भाजपा के दृष्टिकोण को समाज के सभी वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है, जिसमें केंद्र सरकार की विभिन्न शहरी विकास पहलों के बारे में लोगों की बढ़ती जागरूकता का भी महत्वपूर्ण योगदान है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने श्री नारायण गुरु, महात्मा अय्यंकाली और मन्नथु पद्मनाभन जैसे महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं का भी उल्लेख किया और नवनिर्वाचित नगर निगम नेतृत्व से शहर की सेवा करते समय उनके उच्च आदर्शों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
आगे की राह: विधानसभा चुनाव और नई चुनौतियां
भाजपा ने तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन की कुल 101 सीटों में से 50 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, जबकि इस पर पहले सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ का प्रभुत्व था। अब सबकी निगाहें 140 सदस्यों वाली केरल विधानसभा पर टिकी हैं, जिसके चुनाव इस वर्ष मार्च-अप्रैल में होने की उम्मीद है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






