Stock Market: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर इतिहास रच दिया, जहां घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने जबरदस्त उछाल के साथ अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तरों को छुआ। बिजली, बैंकिंग और धातु क्षेत्र के शेयरों में जोरदार खरीदारी ने इस रैली को हवा दी, जिससे निवेशकों में उत्साह का माहौल बन गया। बाजार की यह तेजी घरेलू संस्थागत निवेशकों की निरंतर खरीद और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का सीधा परिणाम है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत देती है।
भारतीय Stock Market ने बनाए रिकॉर्ड, सेंसेक्स और निफ्टी नई ऊंचाइयों पर बंद
Stock Market की रफ्तार: सेंसेक्स और निफ्टी का नया कीर्तिमान
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, निवेशकों के उत्साह और विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त मजबूती देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 573.41 अंक या 0.67 प्रतिशत की प्रभावशाली बढ़त के साथ 85,762.01 अंक पर बंद हुआ। ट्रेडिंग सत्र के दौरान, यह सूचकांक एक समय 623.67 अंक ऊपर चढ़कर 85,812.27 के अपने इंट्राडे हाई तक भी पहुंच गया था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का व्यापक सूचकांक निफ्टी 182 अंक या 0.70 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ 26,328.55 अंक पर बंद हुआ, और सत्र के दौरान 193.45 अंकों की छलांग लगाकर 26,340 के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सेंसेक्स पैक में शामिल प्रमुख कंपनियों की बात करें तो, एनटीपीसी, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में सबसे मजबूत तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार को गति मिली। हालांकि, कुछ बड़े नाम जैसे आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल के शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिन्होंने समग्र बाजार की तेजी को कुछ हद तक सीमित करने का प्रयास किया।
घरेलू और विदेशी निवेश का समीकरण
बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की, जिससे कुछ चिंताएं बढ़ीं। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को जबरदस्त समर्थन दिया, जिन्होंने 1,525.89 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। डीआईआई की यह निरंतर खरीदारी बाजार की अंतर्निहित ताकत और घरेलू निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। यह स्पष्ट है कि घरेलू पूंजी बाजार को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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वैश्विक बाजारों का रुख और कच्चे तेल की स्थिति
वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) और हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए, जिससे भारतीय बाजारों को भी सकारात्मक संकेत मिले। हालांकि, चीन का शंघाई कम्पोजिट और जापान का निक्की सूचकांक अवकाश के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान सकारात्मक रुख बना रहा, जबकि अमेरिकी बाजार नववर्ष अवकाश के चलते बंद रहे। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं, जिससे ऊर्जा लागत को लेकर थोड़ी राहत मिली है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक सुधार के संकेत और घरेलू स्तर पर मजबूत आर्थिक आंकड़े इस तेजी को आगे भी बनाए रख सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







