

Kolkata Earthquake: जैसे किसी अदृश्य दानव ने धरती को भीतर से झकझोर दिया हो, शुक्रवार दोपहर कोलकाता और उसके आसपास के इलाके अचानक कांप उठे। यह कंपन पल भर का था, पर लोगों के दिलों में सिहरन छोड़ गया।
Kolkata Earthquake: कोलकाता में भूकंप के तेज झटके, 5.3 तीव्रता से डोली धरती, कोई हताहत नहीं
Kolkata Earthquake: भूकंप के केंद्र और तीव्रता का पूरा ब्यौरा
शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे कोलकाता में एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके झटके महानगर के कोने-कोने में महसूस किए गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई है। भूकंपीय डेटा ने इस प्राकृतिक घटना की पुष्टि की है, जिसने कुछ देर के लिए लोगों को घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र पश्चिम बंगाल के टाकी से लगभग 26 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार, भूकंप दोपहर 1:22 बजे आया और इसकी गहराई 9.8 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के निर्देशांक 22.451°N और 89.139°E थे, जो सुंदरबन डेल्टा के करीब का इलाका है। यह एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जिससे बचाव के लिए जागरूकता बेहद ज़रूरी है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, अभी तक किसी तरह के बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
भूकंप से बचाव: क्या करें और क्या न करें?
भूकंप के झटके महसूस होते ही घबराने की बजाय तुरंत कुछ एहतियाती कदम उठाना चाहिए। यदि आप घर के अंदर हैं, तो किसी मजबूत मेज या डेस्क के नीचे छिप जाएं और उसे कसकर पकड़ लें। खिड़कियों, शीशों और भारी वस्तुओं से दूर रहें। यदि आप बाहर हैं, तो खुली जगह पर जाएं और इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें, बल्कि सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। भूकंप के बाद भी कुछ देर तक सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि आफ्टरशॉक (पुनः आने वाले झटके) का खतरा बना रहता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





