NEET Paper Leak: देश का सबसे बड़ा मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम एक बार फिर विवादों के घेरे में है। 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है, और विपक्षी दल लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के आरोपों के बीच विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। इसी कड़ी में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) ने शिक्षा मंत्री पर सीधा हमला बोला है।
NEET Paper Leak: प्रशांत किशोर ने खड़े किए सवाल
प्रशांत किशोर ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि दो साल पहले भी NEET पेपर लीक हुआ था और तब भी धर्मेंद्र प्रधान ही शिक्षा मंत्री थे। उस समय मंत्री ने दावा किया था कि अब ऐसा नहीं होगा, लेकिन वर्तमान स्थिति सरकार के दावों पर सवाल उठाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशांत किशोर ने आगे आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान धर्मेंद्र प्रधान जन सुराज के प्रत्याशियों को डराने-धमकाने और खरीद-फरोख्त में लगे थे, और अब शायद वही ‘खरीद-फरोख्त’ का सिलसिला पेपर तक पहुंच गया है। इस बार के NEET Paper Leak ने सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार की सफाई और विपक्ष का पलटवार
वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि Radhakrishnan Committee की सिफारिशें लागू होने के बावजूद पेपर लीक हुआ है। उन्होंने अगले साल से पूरी तरह CBT (कंप्यूटर आधारित) परीक्षा प्रणाली लागू करने की बात कही। हालांकि, विपक्ष इसे पुरानी गलतियों को दोहराने और लीपापोती की कोशिश बता रहा है, जिससे छात्रों का भविष्य लगातार अनिश्चितता में घिरा हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







