Darbhanga Crime News: दरभंगा के अलीनगर में हुए चर्चित पंकज मिश्रा गोलीकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में पुलिस ने एक मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इससे इलाके में फैली दहशत कुछ हद तक कम हुई है और पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
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Darbhanga Crime News: गोलीकांड में ऐसे हुई मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी
यह घटना 2 अप्रैल 2025 को दरभंगा जिला के दसौत गांव में हुई थी। पोस्ट ऑफिस ब्रांच धमसाईन के बीपीएम पंकज मिश्रा को उनके ही दरवाजे पर अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी थी, जिसमें वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस मामले में अलीनगर थाना में प्राथमिकी (76/25) दर्ज की गई थी। कांड के अनुसंधान में अप्राथमिकी अभियुक्त पप्पू चौधरी, जो रूपनगर, सहरसा का निवासी है, का नाम सामने आया।
अलीनगर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने सहरसा पुलिस के सहयोग से मंगलवार को पप्पू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। उसे बुधवार को बेनीपुर न्यायालय में आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। एसडीपीओ बेनीपुर बासुकीनाथ झा ने बुधवार को थाना पर प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि यह गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी सफलता है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य दो अप्राथमिक अभियुक्तों को भी चिन्हित कर लिया गया है, जिनकी गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी। घटना को अंजाम देने के लिए शूटर को सुपारी देने वाले ग्रामीण दिलीप शर्मा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
क्या था पूरा मामला और पुलिस के सामने चुनौती?
2 अप्रैल 2025 की शाम करीब 7:30 बजे पंकज मिश्रा पकड़ी ठेंगहा मुख्य सड़क किनारे स्थित अपने दरवाजे पर पोस्ट ऑफिस से संबंधित कागजी काम कर रहे थे। उसी समय एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन व्यक्ति उनके दरवाजे पर पहुंचे। उनमें से दो ने पंकज मिश्रा को प्रणाम किया और जैसे ही उन्होंने गेट खोलकर बैठने को कहा, अपराधियों ने पिस्टल निकालकर उन पर हमला कर दिया। हाथापाई के दौरान अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक गोली पंकज मिश्रा के पेट में लग गई। लगातार फायरिंग की आवाज सुनकर घर के लोग गेट खोले तो अपराधी जान बचाने के लिए फायर करते हुए भाग निकले।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भय का वातावरण बन गया था और यह पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती थी। तत्कालीन एसडीपीओ आशुतोष कुमार और थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्र ने भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई थी। गोली लगने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में पंकज मिश्रा को अलीनगर सीएचसी पहुंचाया, जहां उनके पेट से गोली निकाली गई। बेहतर इलाज के लिए उन्हें डीएमसीएच रेफर किया गया, लेकिन परिजनों ने जल्द इलाज शुरू करने के लिए बेनीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के बाद घायल पंकज मिश्रा अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। पुलिस इस मामले में शेष अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
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