
Ayatollah Ali Khamenei assassination: जब पश्चिम एशिया की सियासी आग दूर देशों तक अपनी लपटें फैलाती है, तो इसका असर भारत की गलियों तक भी पहुंचता है। ईरान में हुए एक बड़े घटनाक्रम ने अब श्रीनगर से लेकर रामबन तक विरोध की लहर छेड़ दी है, जहाँ सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
श्रीनगर में हाई अलर्ट: Ayatollah Ali Khamenei assassination पर भारत में तेज हुए विरोध प्रदर्शन
Ayatollah Ali Khamenei assassination के बाद भारत में विरोध प्रदर्शन की लहर
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर का लाल चौक शुक्रवार सुबह हाई अलर्ट पर रहा। सुरक्षा बलों ने यह एहतियाती कदम ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हवाई हमलों में हुई हत्या के विरोध में शिया मुसलमानों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों को देखते हुए उठाया था। 28 फरवरी को हुई इस घटना के बाद अमेरिका और इजरायल के खिलाफ पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
बुधवार को शिया समुदाय ने श्रीनगर में अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की जांच की मांग की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इससे पहले, बांदीपोरा और रामबन जैसे क्षेत्रों में भी ऐसे ही विरोध प्रदर्शन देखे गए। रामबन में प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाए, “तुम कितने हुसैनी मारोगे…हर घर से हुसैनी निकलेगा।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला भी जलाया, जो इस बढ़ती ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पश्चिमी देशों के खिलाफ शिया समुदाय के गुस्से को दर्शाता है।
बांदीपोरा में, प्रदर्शनकारियों ने दिवंगत धर्मगुरु के चित्र लिए हुए थे और इस घटना पर गहरा शोक तथा निंदा व्यक्त की। यह घटना सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि एक भू-राजनीतिक उथल-पुथल का भी परिणाम है, जिसके केंद्र में ईरान-अमेरिका तनाव है। बुडगाम और श्रीनगर में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन पहले ही दर्ज किए जा चुके थे।
भारत सरकार ने भी व्यक्त की संवेदनाएं
इस बीच, भारत सरकार ने भी इस दुखद घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर भारत की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की। अपनी यात्रा के दौरान, विदेश सचिव मिसरी ने भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली को भारत का शोक संदेश भी सौंपा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ईरानी दूतावास ने भी देश के सर्वोच्च नेता के निधन पर अपना झंडा आधा झुका दिया, जो उनके प्रति सम्मान और शोक का प्रतीक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह घटना शनिवार को ईरान की धरती पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच घटी है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ हस्तियों की मृत्यु हो गई, जिसके बाद तेहरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह ईरान-अमेरिका तनाव अब एक नया मोड़ ले चुका है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







