
पीएम मोदी ने कहा, तमाम आलोचनाओं के बावजूद देश को संकटों से निकालने का अभियान जारी
नई दिल्ली, देशज न्यूज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा,भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए उनकी सरकार ने मजबूत नींव रखी है। कहा,देश को संकटों से निकालने का उनका अभियान लगातार जारी है। हालांकि यह इतना सरल भी नहीं होता है। इसके लिए काफी कुछ सहना पड़ता है। 70 साल की आदतों को बदलने में समय लगता है।
मोदी ने विज्ञान भवन में आयोजित एसोचैम के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, 2014 से पहले देश संकट की ओर बढ़ रहा था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने न केवल इसे रोका बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अनुशासन लाया गया। पांच ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य का संदर्भ देते हुए मोदी ने कहा कि शुरू में बहुत से लोगों ने लक्ष्य की आलोचना की और कहा, इसे हासिल नहीं किया जा सकता है। ऐसा ही उन्होंने तब कहा था जब उन्होंने भारत को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य सार्वजनिक किया था। लेकिन अज अर्थव्यवस्था को गति देने वाले सभी समूह पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा तो करते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि देश ने ओडीएफ लक्ष्य को कैसे हासिल कर लिया।




उन्होंने कहा, पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की बात अचानक नहीं आई है। बीते पांच साल में देश ने खुद को इतना मजबूत किया है कि ऐसे लक्ष्य ऱखे भी जा सकते हैं और उन्हें प्राप्त भी किया जा सकता है। मोदी ने कहा कि जब तक पूरा देश मिलकर लक्ष्य प्राप्त नहीं करता, लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी जिम्मेदारी में सक्रियता नहीं लाता तो वो एक सरकारी कार्यक्रम बन जाता है। मोदी ने कहा,हमने अर्थव्यवस्था के ज्यादातर आयामों को औपचारिक व्यवस्था में लाने का प्रयास किया है। इसके साथ ही हम अर्थव्यवस्था को आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए आधुनिकीकरण और गति देने की दिशा में भी आगे बढ़े हैं। अब कंपनियों को कुछ घंटों में पंजीकृत किया जा रहा है। उन्होंने कहा, कारोबार सुगमता यानी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ कहने में चार शब्द लगते हैं लेकिन इसकी रैंकिंग में बदलाव तब होता है जब दिन-रात मेहनत की जाती है, जमीनी स्तर पर जाकर नीतियों में, नियमों में बदलाव होता है। टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही लाने के लिए हम फेसलेस टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन की ओर बढ़ रहे हैं।
मोदी ने कहा, श्रम सुधार की बातें भी बहुत वर्षों से देश में चलती रही हैं। कुछ लोग ये भी मानते थे कि इस क्षेत्र में कुछ न करना ही मजदूर वर्ग के हित में है। यानि उन्हें अपने हाल पर छोड़ दो, जैसे चलता रहा है, वैसे ही आगे भी चलेगा।लेकिन हमारी सरकार ऐसा नहीं मानती।
उन्होंने कहा,सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से अब 13 बैंक मुनाफे में वापस आ चुके हैं। 6 बैंक त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) से भी बाहर निकल चुके हैं। हमने बैंकों का एकीकरण भी तेज किया है। बैंक अब अपना देशव्यापी नेटवर्क बढ़ा रहे हैं और अपनी ग्लोबल पहुंच कायम करने की ओर अग्रसर हैं। कहा,आज देश में ऐसी सरकार है जो किसानों, मजदूरों, उद्योग और व्यापारियों की सुनती है और उनकी सलाह पर काम करने की कोशिश कर रही है। हम वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लाए और हमने इसे सुधारने के लिए व्यापारियों की बात सुनी।








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