

MS Dhoni: भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी एक नई मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। रांची में उन्हें झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने एक बड़ी वजह से नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
MS Dhoni को लगा बड़ा झटका: आवास बोर्ड ने भेजा नोटिस, क्या है पूरा मामला?
झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को आवास के लिए आवंटित जमीन के कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किया है। धोनी को 15 दिनों के भीतर इस नोटिस का जवाब देना होगा, अन्यथा बोर्ड कानूनी कार्रवाई कर सकता है। यह मामला रांची के हरमू स्थित आवास बोर्ड की जमीन से जुड़ा है, जहां धोनी को आवासीय उद्देश्य के लिए भूखंड मिला था।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, धोनी ने इस आवासीय भूखंड का उपयोग कमर्शियल इस्तेमाल, विशेषकर एक पैथ लैब चलाने के लिए किया है, जो नियमों का उल्लंघन है। आवासीय भूमि का व्यावसायिक उपयोग करना आवास बोर्ड के नियमों के खिलाफ है और इसी कारण यह नोटिस भेजा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह खबर धोनी के प्रशंसकों के लिए थोड़ी चिंता का विषय हो सकती है, क्योंकि वे अक्सर शांत और विवादों से दूर रहते हैं। अब देखना होगा कि धोनी या उनकी टीम इस नोटिस का क्या जवाब देती है और क्या वे बोर्ड की शर्तों का पालन करते हुए इस मामले को सुलझा पाते हैं।
MS Dhoni पर क्यों हुई यह कार्रवाई?
आवास बोर्ड के सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ धोनी का मामला नहीं है। बोर्ड ऐसी कई संपत्तियों की जांच कर रहा है जहां आवासीय भूखंडों का नियम विरुद्ध कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है। बोर्ड का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आवंटित भूखंडों का उपयोग उनके मूल उद्देश्य के लिए ही हो।
धोनी को भेजे गए नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो बोर्ड के पास उचित कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार होगा, जिसमें भूखंड का आवंटन रद्द करना भी शामिल हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
इस पूरे प्रकरण से धोनी की छवि पर तो शायद कोई खास असर न पड़े, लेकिन यह उनके लिए एक कानूनी उलझन जरूर बन गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय क्रिकेट के ‘कैप्टन कूल’ इस चुनौती से कैसे निपटते हैं।
आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग: बोर्ड की सख्त चेतावनी
झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने हाल के दिनों में ऐसे कई मामलों पर सख्ती दिखाई है, जहाँ नियमों का उल्लंघन करते हुए भूखंडों का दुरुपयोग किया जा रहा था। बोर्ड का कहना है कि वे सभी आवंटियों के लिए एक समान नियम लागू करेंगे और किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं रखा जाएगा। धोनी का मामला सामने आने के बाद, अन्य आवंटियों के बीच भी हड़कंप मच गया है, जिन्होंने अपने आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया है। बोर्ड की यह कार्रवाई एक मिसाल कायम कर सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




