T20 World Cup: क्रिकेट प्रेमियों का जोश सातवें आसमान पर है! टी20 विश्व कप की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन भारतीय टीम के स्क्वाड से कुछ नाम गायब हैं, जो लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी कड़ी में युवा सनसनी और टेस्ट-वनडे कप्तान शुभमन गिल को आगामी टी20 विश्व कप टीम में जगह न मिलने पर दिग्गज खिलाड़ियों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने इस फैसले पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है और महान कपिल देव का उदाहरण देते हुए चयनकर्ताओं पर सवाल उठाए हैं।
T20 World Cup से शुभमन गिल को बाहर करने पर भड़के योगराज, कपिल देव का दिया उदाहरण
T20 World Cup स्क्वाड में गिल की गैरमौजूदगी: योगराज सिंह का तीखा हमला
भारत के युवा सितारे शुभमन गिल को टी20 विश्व कप 2024 के लिए घोषित भारतीय टीम से बाहर रखा जाना लगातार बहस का केंद्र बना हुआ है। कई क्रिकेट पंडित और फैंस इस फैसले से हैरान हैं। इसी बीच, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने अपनी नाराजगी खुले तौर पर व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “एक या दो मैच में खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी भी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर देना उचित नहीं है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। योगराज सिंह ने इस मामले में भारतीय क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में से एक, कपिल देव का उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे एक खिलाड़ी को लगातार मौके दिए जाने चाहिए ताकि वह अपनी फॉर्म और प्रतिभा साबित कर सके। मौजूदा टीम चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए योगराज सिंह ने कहा कि चयनकर्ताओं को युवा खिलाड़ियों के प्रति अधिक धैर्य और विश्वास दिखाना चाहिए। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
कपिल देव का उदाहरण और टीम में स्थिरता की मांग
योगराज सिंह ने अपने बयान में जोर दिया कि कपिल देव जैसे महान खिलाड़ी भी अपने करियर में उतार-चढ़ाव से गुजरे थे, लेकिन उन्हें लगातार समर्थन मिला। उन्होंने कहा, “अगर एक या दो खराब पारियों के बाद कपिल देव को टीम से बाहर कर दिया जाता, तो शायद भारत को 1983 का विश्व कप नहीं मिलता।” यह बात आज के युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गिल, जो टेस्ट और वनडे में भारत की कप्तानी कर चुके हैं और अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच चुके हैं, उन्हें टी20 फॉर्मेट में भी लगातार मौके दिए जाने की वकालत की जा रही है। योगराज सिंह के इस बयान से क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन युवा प्रतिभाओं को पर्याप्त मौके दे रहा है या फिर कुछ खराब प्रदर्शन के बाद ही उन्हें किनारे कर दिया जाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयनकर्ता इस तरह की आलोचनाओं पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






