

बिहार विधानसभा मार्च के दौरान बीजेपी नेताओं पर हुए लाठीचार्ज मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा है कि पहले आप पटना हाईकोर्ट जाएं और वहां याचिका दायर करें उसके बाद सुप्रीम कोर्ट आए।
जानकारी के अनुसार, बिहार में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पुलिस लाठीचार्ज में हुई बीजेपी कार्यकर्ता विजय सिंह की मौत की जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया है। इसके साथ ही दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी भी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट भी इस मामले में सक्षम है। आप वहां क्यों नहीं जाते।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपंकर दत्ता की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में आप पहले पटना हाईकोर्ट जाए उसके बाद सुप्रीम कोर्ट आए।
जानकारी के अनुसार, तेरह जुलाई को बीजेपी कार्रकर्ताओं और नेताओं ने विधानसभा का घेराव किया था। यह मार्च तेजस्वी यादव से इस्तीफा, शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने और रोजगार के मुद्दे को लेकर था। जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुई थी। इस दौरान बीजेपी के एक नेता की मौत हो गई थी।
इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता भूपेश नारायण ने इस मामले में 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मामले की CBI या SIT से जांच की मांग की गई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया।
वही सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील बरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में मामले की अपील करने के लिए कहा है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से ऑर्डर पास कर दिया गया है।
अगले दो-तीन दिनों में हाईकोर्ट में पीटिशन फाइल कर दिया जाएगा। याचिका पहले स्वीकार कर फिर मना कर देने के सवाल पर बरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि हाईकोर्ट इस मामले में पूरी तरह सक्षम है। हाईकोर्ट चाहे तो राज्य के सभी आला अधिकारी को अपने यहां बुलवा सकती है। ये ज्यादा सुविधाजनक है कि पटना हाईकोर्ट इस मामले को मॉनिटर करें।



