आकिल हुसैन, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो।भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती शहर जयनगर में बड़े घटना को अंजाम देने की नियत से मंगाए गए हथियार डिलीवरी से पहले हीजयनगर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की शाम रेल पुलिस व आरपीएफ के सक्रियता ने हावड़ा जयनगर धुरियान पैसेंजर ट्रेन के डिब्बे में लावारिस हालतमें रखे हथियार को बरामद किया।
हालांकि बैग के साथ कोई व्यक्ति या अपराधिक तत्व नहीं थे।समस्तीपुर रेल डीएसपी स्मृता सुमन ने जयनगर रेलवेस्टेशन स्थित जीआरपी थाने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि शुक्रवार की शाम हावड़ा जयनगर धुरियान पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से जयनगर पहुंचने पर रेल पुलिस जवान लाल बाबू प्रसाद,राम वचन राम,अजीत कुमार सिंह,पंकज कुमार एवं आरपीएफ जवान अरुण कुमारपासवान ने ट्रेन डिब्बे की सघन तलाशी ले रहे थे कि उसी क्रम में एक डिब्बे में रखे लावारिस हालत में बैग को बरामद किया। जिसकी तलाशी ली गई तो उस बैग के अंदर एक कारबाईन एक दो नाली बंदूक व दो खाली कारबाईन का मैग्जीन को बरामद किया गया।
डीएसपी ने बताया कि बरामद सामान सभी देशी है। लगता है कि अपराधी किसी बड़े घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से जयनगर तक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से मंगाया है। जयनगर में कारबाईन की बरामदगी ने एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। वर्ष 2017 को एक बार फिर से याद दिला दिया। 2017 के फरवरी माहमें जयनगर थाना क्षेत्र के भेलवा चौक पर दो अपराधियों ने दुल्लीपट्टी गांव निवासी व पूर्व जिला पार्षद पुरुषोत्तम झा सतन पर दो कारबाईन से अंधाधुंध फायरिंग किया। इसमें एक निर्दोष व्यक्ति भेलवा चौक निवासी मो आलम खान को गोली लगने से उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी।
बड़ी घटना को देखते हुए घटना में कारबाईन के उपयोग ने जिले के पुलिस की निंदा उड़ा दी थी। जिला पुलिस अपनी सक्रियता दिखाते हुए जयनगर थानाक्षेत्र के डोड़वार पंचायत के गोबराही गांव स्थित बंद पड़े ईट भट्टा पर रंजीत डान को इंकाउन्टर में मार गिराया और उसके पास से दो कारबाईन कोबरामद किया था। डीएसपी ने बताया कि बैग में रखे सभी हथियार को पार्ट पार्ट खोल कर रखा गया था। प्रेस वार्ता में रेल थाना अध्यक्ष विनोद राम,आरपीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर नागेन्द्र सिंह,दिलीप मंडल,एसआई मो अकबर समेत अन्य पुलिस कर्मी मौजूद थे। बताते चलें कि सीमावर्ती रेलवे स्टेशनतक हथियारों की आपूर्ति अलग अलग रुप में देखा जा रहा है। हालांकि आपूर्तिकर्ता पुलिस सक्रियता को देख अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका।लेकिन हथियार तो किसी न किसी मकसद से जयनगर तक तो लाया गया। क्या इस हथियार का उपयोग जयनगर शहरी क्षेत्रों में किया जाना था। क्याइस हथियार के बरामदगी कहीं दहशत फैलाना तो नहीं। या आज भी जयनगर में अपराधी पाव पसारे हुए हैं। सभी बिन्दुओं पर पुलिस बारीकी से जांच कर रही है।







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