Bihar IIT Patna MOU: बिहार के शैक्षणिक और तकनीकी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बिहार के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU), दरभंगा के बीच बुधवार को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल राज्य में शोध, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
तकनीकी नवाचार और उद्यमिता का नया दौर
इस एमओयू के तहत दोनों प्रतिष्ठित संस्थान मिलकर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित करेंगे। इनमें शिक्षक एवं विद्यार्थी एक्सचेंज कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा मशीन लर्निंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में विशेष सहयोग शामिल है। इसके अलावा, इनक्यूबेशन, स्टार्ट-अप और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी साझा प्रयास किए जाएंगे। यह समझौता उद्यमिता के विकास और शोध एवं विकास के क्षेत्र में अकादमिक सहयोग को बढ़ाने पर केंद्रित है।

छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना के निदेशक प्रो. एस एन. सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने इस साझेदारी को बिहार में उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रगति के लिए मील का पत्थर बताया। इस एमओयू से दोनों संस्थानों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को एक-दूसरे के संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ उठाने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी क्षमताओं का विकास होगा।
समझौते के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें आईआईटी पटना से शोध एवं विकास के निदेशक-सह-संकायाध्यक्ष डॉ. अनूप केशरी और प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी कृपाशंकर सिंह शामिल थे। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की ओर से निदेशक (IQAC) डॉ. मो ज्या हैदर, उप-कुलसचिव डॉ. उमाकांत पासवान और संजीव कुमार सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह समझौता बिहार को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।







