back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 23, 2026
spot_img

Patna High Court का Supreme फैसला | Bihar के प्राथमिक स्कूलों के 22 हजार शिक्षकों की जाएगी नौकरी

spot_img
- Advertisement - Advertisement

पटना हाई कोर्ट का बड़ा आदेश आया है। इससे अब प्राथमिक स्कूलों के 22 हजार शिक्षकों की नौकरी चली जाएगी। इससे बीएड डिग्री धारक प्राथमिक शिक्षकों को पटना हाई कोर्ट से बड़ा झटका (22 thousand teachers of primary schools of Bihar will be employed) लगा है।

- Advertisement -

जानकारी के अनुसार, 2022 में छठे चरण में 42 हजार नियोजित शिक्षक बहाल हुए थे। इसमें एक से पांच वर्ग तक के लिए 22 हजार नियोजित शिक्षक बहाल हुए थे। इसके पहले दो दिसंबर को हाईकोर्ट ने बीएड शिक्षकों के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। अब कोर्ट के फैसले से 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों पर गाज गिरी है।

- Advertisement -

हाईकोर्ट ने बुधवार को बिहार प्राथमिक शिक्षक पद पर पिछले 2 वर्षों से नियुक्त बीएड डिग्री धारक नियोजित शिक्षकों छठे चरण को नौकरी से हटाने का फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस फैसले से करीब 22 हजार शिक्षकों को सेवामुक्त होना पड़ेगा जो पिछले करीब दो वर्ष से नियोजित शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। पढ़िए पूरी खबर

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Census: बिहार की तकदीर गढ़ेगी डिजिटल जनगणना 2027, 17 अप्रैल से शुरू होगी स्व-गणना

पटना हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में   ये स्पष्ट किया है कि राज्य में  प्राथमिक वर्गों( कक्षा एक से पांच) में बीएड डिग्रीधारक शिक्षक के रूप में नियुक्त नही होंगे। चीफ जस्टिस के वी चंद्रन व जस्टिस राजीव रॉय की खंडपीठ ने ललन कुमार व अन्य द्वारा बड़ी संख्या में  दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने ये स्पष्ट किया कि प्राथमिक कक्षाओं में  डी एल एड डिग्री प्राप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। पढ़िए पूरी खबर

हाई कोर्ट ने बुधवार को बिहार प्राथमिक शिक्षक पद पर पिछले दो वर्षों से नियुक्त बीएड डिग्री धारक नियोजित शिक्षकों (छठे चरण) को नौकरी से हटाने का फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस फैसले से करीब 22 हजार शिक्षकों को सेवामुक्त होना पड़ेगा जो पिछले करीब दो वर्ष से नियोजित शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

2022 में छठे चरण में 42 हजार नियोजित शिक्षक बहाल हुए थे। इसमें एक से पांच वर्ग तक के लिए 22 हजार नियोजित शिक्षक बहाल हुए थे। इसके पहले 2 दिसंबर को हाईकोर्ट ने बीएड  शिक्षकों के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। अब कोर्ट के फैसले से 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों पर गाज गिरी है।

कोर्ट ने कहा कि रिट याचिकाओं को इस निष्कर्ष के साथ स्वीकार किया जाता है कि ‘एनसीटीई’ की ओर से जारी दिनांक 28/06/2018 की अधिसूचना अब लागू नहीं है और बीएड उम्मीदवारों को प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि जो नियुक्तियां की गई हैं, उन पर नए सिरे से काम करना होगा और मूल के अनुरूप ही योग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करना होगा।

यह भी पढ़ें:  बिहार पॉलिटिक्स: विधानसभा में जब 'मिठाई' पर छिड़ी बहस, लगे ठहाके और मिली पहचान की उम्मीद

साथ ही कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2010 की एनसीटीई की अधिसूचना को केवल उसी पद पर जारी रखा जा सकता है जिस पद पर उन्हें नियुक्त किया गया है। राज्य यह भी निर्णय लेगा कि क्या इस तरह के पुनर्कार्य पर रिक्त होने वाले पदों को प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र उम्मीदवारों से राज्य के पास उपलब्ध मेरिट सूची से भरा जाएगा। ऐसे में बीएड डिग्री धारक नियोजित शिक्षकों को कोर्ट के इस फैसले से बड़ा झटका है। करीब 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों को इस फैसले से अब नौकरी से हाथ धोना पद सकता है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

90 दिनों के सबसे किफायती Recharge Plans: एयरटेल, जियो या बीएसएनएल, कौन देगा बेहतर डील्स?

Recharge Plans: मौजूदा दौर में जब मोबाइल कनेक्टिविटी हर व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता बन...

Alia Bhatt Film ‘अल्फा’ ने ठुकराया 215 करोड़ का OTT ऑफर, अब सीधे सिनेमाघरों में होगी एंट्री!

Alia Bhatt Film: बॉलीवुड की 'गंगूबाई' आलिया भट्ट एक बार फिर पर्दे पर धमाल...

Darbhanga News: खाकी ने निभाया Benipur Blood Donation Camp में इंसानियत का फर्ज, पुलिसकर्मियों ने रक्तदान कर पेश की मिसाल

Benipur Blood Donation Camp: खाकी ने निभाया इंसानियत का फर्ज, पुलिसकर्मियों ने रक्तदान कर...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें