
Acharya Pramod krishnam Expelled | कांग्रेस से निकाले गए आचार्य प्रमोद कृष्णम PM MODI से मिलना…गंवारा कहां…अब ये कर सकते हैं आचार्य। कांग्रेस ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।चौबीस घंटे पहले कांग्रेस से बाहर किए गए आचार्य प्रमोद कृष्णम आज अपने अगले कदम की घोषणा कर सकते हैं।
Acharya Pramod krishnam Expelled | अपने मन की बात करेंगे
कांग्रेस से निष्कासन पर आज उन्होंने कहा, अभी मुझे कुछ नहीं कहना है। दोपहर 1:00 बजे श्री कल्कि धाम में प्रेस कॉन्फ्रेंस है। वहीं मैं अपने मन की बात कहूंगा।
#WATCH | On his expulsion from Congress, Acharya Pramod Krishnam says, “…’Main Congress party ka naukar nahi tha, aur maine naukri bhi nahi maangi thi’…The first person to see the dream of Ram Rajya was Mahatma Gandhi and PM Modi is fulfilling his dreams. If PM Modi is taking… pic.twitter.com/imFKIIWqZL
— ANI (@ANI) February 11, 2024
Acharya Pramod krishnam Expelled | कृष्णम पर अनुशासनहीनता और बार-बार पार्टी विरोधी बयान देने का आरोप
इससे पहले, कांग्रेस ने कृष्णम पर अनुशासनहीनता और बार-बार पार्टी विरोधी बयान देने का आरोप लगाया। कृष्णम ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुलाकात की थी। कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मिले थे। पीएम मोदी की तरीफ की थी। इसके बाद से ही सुगबुगाहट तेज हो गई थी कि आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस छोड़ने वाले हैं।
#WATCH | Expelled Congress leader Acharya Pramod Krishnam says, “…Today at this age, I am taking this resolution that I will stand with Narendra Modi all my life…Every leader is asking me, what was the fault of Acharya Pramod Krishnam?…I want to thank all those leaders who… pic.twitter.com/WeLJwk5n9p
— ANI (@ANI) February 11, 2024
Acharya Pramod krishnam Expelled | लंबे समय से अपनी ही पार्टी की खुलेआम आलोचना कर रहे थे, कुछ प्रमुख कांग्रेस नेता “हिंदू” शब्द से नफरत करते हैं
आचार्य प्रमोद कृष्णम लंबे समय से अपनी ही पार्टी की खुलेआम आलोचना कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं पर निशाना साध रहे थे और विवादास्पद बयान दे रहे थे। उन्होंने हाल ही में कहा कि कुछ प्रमुख कांग्रेस नेता “हिंदू” शब्द से नफरत करते हैं। वहीं, पार्टी के कुछ नेता ऐसे भी हैं जो न सिर्फ राम मंदिर बल्कि भगवान राम से भी नफरत करते हैं।
#WATCH | On his expulsion from Congress, Acharya Pramod Krishnam says, “…’Main Congress party ka naukar nahi tha, aur maine naukri bhi nahi maangi thi’…The first person to see the dream of Ram Rajya was Mahatma Gandhi and PM Modi is fulfilling his dreams. If PM Modi is taking… pic.twitter.com/imFKIIWqZL
— ANI (@ANI) February 11, 2024
Acharya Pramod krishnam Expelled | 19 फरवरी को श्री कल्कि धाम का शिलान्यास करना है
आचार्य प्रमोद कृष्णम श्री कल्कि धाम (संभल) के पीठाधीश्वर भी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 19 फरवरी को श्री कल्कि धाम का शिलान्यास करना है। आचार्य कृष्णम ने फरवरी की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर श्री कल्कि धाम का शिलान्यास करने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए इस पुनीत अवसर के लिए प्रसन्नता जताई थी।
Acharya Pramod krishnam Expelled | यह फैसला पार्टी अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव पर लिया है
इस संबंध में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को एक पत्र जारी कर कहा कि अनुशासनहीनता की शिकायतों और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयानबाजी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला पार्टी अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव पर लिया है।
Acharya Pramod krishnam Expelled | ”राम और राष्ट्र पर समझौता नहीं किया जा सकता।”
कांग्रेस से बाहर होने के बाद आचार्य कृष्णम ने अपने एक्स हैंडल पर राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा, ”राम और राष्ट्र पर समझौता नहीं किया जा सकता।” यहां यह जानना जरूरी है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम लगातार सार्वजनिक मंचों पर खुलकर राहुल गांधी का विरोध करते रहे हैं। वह मांग करते रहे हैं कि प्रियंका गांधी को कांग्रेस की कमान देनी चाहिए। इससे ही कांग्रेस का कायाकल्प संभव है।
Acharya Pramod krishnam Expelled | ”उनसे मिलने के बाद मुझे एहसास हुआ कि उनपर दैवीय कृपा है
पिछले कुछ दिनों से वह भाजपा के प्रति सहानुभूति भी दिखा रहे थे। पार्टी लाइन से इतर जाकर आचार्य कृष्णम ने श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार करने के कांग्रेस के फैसले की खुलकर आलोचना की थी। इसे दुर्भाग्यपूर्ण फैसला बताया था। वह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने 22 जनवरी को अयोध्या भी गए थे। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा था, ”उनसे मिलने के बाद मुझे एहसास हुआ कि उनपर दैवीय कृपा है। वह दैवीय शक्ति के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री से मिलकर मुझे जो अनुभूति हुई, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”






