शुक्रवार को गायघाट प्रखंड में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां रबी महोत्सव के साथ-साथ प्रखंड स्तरीय रबी कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस आयोजन का विधिवत उद्घाटन गायघाट के विधायक कोमल सिंह, प्रखंड प्रमुख श्रवण सिंह और कृषि पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से किया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को रबी फसल से जुड़ी नवीनतम जानकारी और तकनीक से अवगत कराना था।
किसानों के लिए सरकार का संकल्प
इस अवसर पर विधायक कोमल सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों के विकास के लिए पूरी तरह सक्रिय और प्रतिबद्ध है। उन्होंने अन्नदाताओं से कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेने और जैविक खेती को अपनाने का आग्रह किया, ताकि वे अधिक से अधिक लाभ कमा सकें। विधायक ने भारतीय कृषि में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए उन्हें ‘देश की रीढ़’ बताया। उन्होंने सरकार के कृषि रोडमैप की भी विस्तृत चर्चा की, जिसमें किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित बीडीओ संजय राय ने भी किसानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसान हमारे ‘अन्नदाता’ हैं और हमें उनका सम्मान करना चाहिए। बीडीओ ने कृषि और किसानों के महत्व को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि ‘किसान एवं कृषि नहीं तो दुनिया नहीं’, जो दर्शाता है कि मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए कृषि कितनी आवश्यक है।
समस्याओं का समाधान और सुचारु वितरण व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं और उनके बहुमूल्य सुझावों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना। किसानों द्वारा उठाई गई हर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके पश्चात, खाद्य वितरण कार्यक्रम में भी प्रमुखता से भाग लिया गया। वितरण व्यवस्था को सुचारु और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य खुदरा विक्रेताओं (रिटेलर्स) के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
इस पूरे आयोजन में जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य कई महत्वपूर्ण अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने किसानों के हित और क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। यह महोत्सव दर्शाता है कि स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधि मिलकर किसानों की उन्नति के लिए लगातार प्रयासरत हैं।






