
Darbhanga Dalit Protest: दरभंगा सदर में दलित और भूमिहीन गरीबों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार, 10 जनवरी 2026 को तीसरे दिन भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड और प्रशासन की कथित अनदेखी के बावजूद आंदोलनकारियों का हौसला बुलंद दिख रहा है।
Darbhanga Dalit Protest: दलित भूमिहीनों की अनदेखी: प्रखंड प्रशासन सवालों के घेरे में
भाकपा माले के एरिया कमिटी सदस्य डोमू राम और माले जिला कमिटी सदस्य सह इंसाफ मंच जिला सचिव मकसूद खां उर्फ पप्पू खां के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने धरना स्थल से प्रखंड अंचल मुख्यालय तक एक विशाल मार्च निकाला। मार्च के दौरान आक्रोशित प्रदर्शनकारी "संवेदनहीन प्रखंड/अंचल प्रशासन मुर्दाबाद", "कराके की ठंड में दलित महादलित भूमिहीनों के प्रति संवेदनहीन क्यों प्रखंड अंचल प्रशासन जवाब दो", "धरना स्थल सहित दलित गरीबों के बीच अलाव का व्यवस्था और कम्बल वितरण क्यों नहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी जवाब दो", "बुल्डोजर नहीं पर्चा दो, रोजी रोटी का सुरक्षा दो" जैसे नारे लगा रहे थे। यह प्रदर्शन आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह मार्च प्रखंड अंचल मुख्यालय पहुंचकर एक सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता लोकल सचिव ब्रह्मदेव यादव ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी देवेंद्र पासवान ने संभाली। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सह प्रखंड एरिया सचिव अशोक पासवान ने कहा कि सरकार भले ही अपराधियों और माफियाओं पर बुल्डोजर चलाने के लंबे-लंबे दावे कर रही है, लेकिन हकीकत में बुल्डोजर गरीब दलितों और भूमिहीनों पर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे-मोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों की दुकानें ध्वस्त कर उन्हें रोजगार विहीन बनाया जा रहा है। यह स्थिति बिहार की राजनीति में एक नया उबाल ला सकती है।
अशोक पासवान ने कहा कि जिस तरह ‘डबल इंजन’ की सरकार दलित, गरीब और भूमिहीनों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है, ठीक उसी तरह उसका प्रशासन भी वंचित वर्ग की समस्याओं से मुंह मोड़ रहा है। कड़ाके की इस ठंड में लोग खुले धरना स्थल पर दिन-रात बैठे हैं, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
संघर्ष की हुंकार: झुकने को तैयार नहीं आंदोलनकारी
शहबाजपुर पंचायत समिति सदस्य सह खेग्रामस प्रखंड सचिव पप्पू कुमार पासवान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड/अंचल प्रशासन आंदोलनकारियों की परीक्षा ले रहा है, उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया गया है, ताकि ठंड में जीवित न बच पाएं और कोई सवाल न उठ सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाकपा माले दलित, गरीब, भूमिहीन सहित तमाम वंचित वर्ग के लिए लड़ाई लड़ती है और हर संघर्ष को जीतने तक पीछे नहीं हटती। उन्होंने कहा, "आप दौलत से गरीब जरूर हैं, पर अपने संगठित ताकत से अमीर हैं। आप ठान लें, तो हौसला रखिए, निश्चित ही आपकी जीत होगी। प्रखंड अंचल प्रशासन आपके कदमों में झुक कर वार्ता करेगी, यह तय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।"
माले जिला कमिटी सदस्य सह इंसाफ मंच जिला सचिव मकसूद खां उर्फ पप्पू खां ने प्रखंड में पंचायत समिति के अधिकारों में कटौती, कमीशनखोरी, मनमानी और भेदभावपूर्ण रवैये पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और गरीब भूमिहीनों से आह्वान किया कि वे जनप्रतिनिधि मंच के बैनर तले एक बड़ी लड़ाई लड़ें, तभी लोगों को उनके अधिकार मिलेंगे और उनकी जमीन-जीविका बचेगी। यह आंदोलन बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। सभा को ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी, राजदीप राम, जीनत प्रवीण, शांति देवी सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ यह आंदोलन आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






