Investment: मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुजरात में अगले पांच सालों के लिए 7 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश की घोषणा कर एक बार फिर अपनी दूरगामी सोच और राज्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को उजागर किया है, जो गुजरात को स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
# गुजरात में 7 लाख करोड़ का रिकॉर्ड Investment: मुकेश अंबानी का ‘नया गुजरात’ विजन

## रिलायंस का गुजरात में बढ़ता Investment: आर्थिक विकास की नई गाथा
राजकोट में आयोजित पहले रीजनल वाइब्रेंट गुजरात समिट को संबोधित करते हुए, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के ‘सभ्यतागत आत्मविश्वास’ को बहाल किया है और देश को ‘संभावना से प्रदर्शन’ की ओर ले गए हैं। अंबानी ने जोर देकर कहा, “यह भारत का निर्णायक दशक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सिर्फ भविष्य की तैयारी नहीं कर रहा है – भारत उसे आकार दे रहा है।” उन्होंने गुजरात के साथ रिलायंस के गहरे भावनात्मक जुड़ाव को भी दोहराया, यह कहते हुए कि गुजरात रिलायंस का ‘शरीर, दिल और आत्मा’ बना हुआ है।
अंबानी ने खुलासा किया कि पिछले पांच सालों में रिलायंस ने गुजरात में 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, और अब उनका लक्ष्य 2030 तक इस आंकड़े को दोगुना करके 7 लाख करोड़ रुपये करना है। यह विशाल Investment न केवल राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करेगा, बल्कि धन सृजन को भी बढ़ावा देगा, जिससे गुजरात की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकेगा। अंबानी ने कहा, “रिलायंस पहले से ही गुजरात का सबसे बड़ा निवेशक है और हमारी प्रतिबद्धता और भी मजबूत होगी।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घोषणा गुजरात को औद्योगिक और तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान पर स्थापित करने की रिलायंस की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।
## स्वच्छ ऊर्जा और AI में रिलायंस की बड़ी छलांग
रिलायंस की महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए, मुकेश अंबानी ने बताया कि जामनगर को दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड स्वच्छ-ऊर्जा इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस इकोसिस्टम में सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन फर्टिलाइजर, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, समुद्री ईंधन और एडवांस्ड मटीरियल जैसे कई घटक शामिल होंगे। अंबानी ने गर्व से कहा, “जामनगर, जो कभी भारत का सबसे बड़ा हाइड्रोकार्बन एक्सपोर्टर था, अब देश का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी और ग्रीन मटीरियल का एक्सपोर्टर बन जाएगा।” यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसी क्रम में, अंबानी ने कच्छ को भी एक ग्लोबल क्लीन-एनर्जी हब में बदलने की अपनी योजना का जिक्र किया, जहां दुनिया का सबसे बड़ा मल्टी-गीगावाट सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। इसे चौबीसों घंटे स्टोरेज और आधुनिक ग्रिड इंटीग्रेशन का समर्थन मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाएगी।
तकनीकी मोर्चे पर, रिलायंस जामनगर में भारत का सबसे बड़ा AI-रेडी डेटा सेंटर बना रहा है। इसके साथ ही, जियो जल्द ही एक ‘पीपल-फर्स्ट’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा, जिसे भारतीयों के लिए उनकी अपनी भाषाओं में तैयार किया जाएगा। यह मंच भारत के डिजिटल परिदृश्य में क्रांति लाएगा और आम लोगों तक AI की पहुंच सुनिश्चित करेगा। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। रिलायंस का यह कदम गुजरात को न केवल औद्योगिक बल्कि तकनीकी नवाचार का भी केंद्र बना रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिखाता है कि कैसे रिलायंस देश के भविष्य को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।







