
Kolkata Warehouse Fire: कोलकाता के आनंदपुर में काल बनकर टूटी आग, जिसने एक गोदाम को श्मशान में बदल दिया। धुएं और लपटों के बीच जिंदगी की तलाश अब भी जारी है। कोलकाता के आनंदपुर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में कम से कम 16 जले हुए शव बरामद हुए हैं, जबकि 13 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य बड़े पैमाने पर जारी है।
दमकल विभाग और पुलिस के अधिकारी लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। इस त्रासदी के बाद आपातकालीन सेवाओं द्वारा बड़े पैमाने पर राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बरामद शवों की पहचान करने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के प्रयासों की पुष्टि की है। तड़के गोदाम में आग भड़की, जिसमें बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैल गई और भयावह रूप ले लिया।
Kolkata Warehouse Fire: भयावह मंजर और राहत कार्य
दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर पुलिस जिले के पुलिस सूत्रों के अनुसार, इमारत के अंदर अभी भी जली हुई हड्डियों के टुकड़े मौजूद हैं, जो इस अग्निकांड की भयावहता को साफ दर्शाते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस गोदाम में सूखा खाद्य पदार्थ रखा जाता था। सोमवार तड़के करीब 3 बजे आग लगी और पैकेटबंद सूखे खाद्य पदार्थों तथा कोल्ड ड्रिंक की बोतलों जैसी ज्वलनशील सामग्री के भंडारण के कारण देखते ही देखते विकराल हो गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
घटना की सूचना मिलते ही मंत्री अरूप बिस्वास, सांसद सैनी घोष और सुजीत बोस ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मैं आज यहां आया हूं। यह एक बेहद दुखद घटना है। कई लोगों की जान चली गई है, और आग बहुत भीषण थी। दमकल विभाग और पुलिस इस अग्निकांड के कारणों और स्रोत की गहन जांच कर रहे हैं।
शवों की पहचान और मुआवजे का ऐलान
मेयर फिरहाद हकीम ने आगे बताया कि शवों की पहचान स्थापित करने के लिए फोरेंसिक टीमों ने बरामद शवों की जांच शुरू कर दी है। पहचान में अभी भी चुनौतियां हैं, इसलिए गुमशुदा व्यक्तियों की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और अधिकारी परिजनों के रक्त नमूनों से डीएनए परीक्षण कराने की तैयारी कर रहे हैं। अदालत की मंजूरी के बाद यह प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मेयर फिरहाद हकीम ने पुष्टि करते हुए कहा, ‘मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।’ उन्होंने यह भी बताया कि डीएनए परीक्षण के माध्यम से पहचान की पुष्टि होने के बाद ही मुआवजा वितरित किया जाएगा। इस दुखद हादसे में हम सभी शोकाकुल हैं, और सरकार हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




