

Darbhanga News: कानून के हाथ लंबे होते हैं, ये कहावत तो सबने सुनी है, लेकिन जब यही हाथ अपनी ही वर्दी के गिरेबान तक पहुंच जाएं तो समझिए मामला संगीन है। दरभंगा में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां ड्यूटी से लापरवाही एक पुलिसकर्मी को महंगी पड़ गई। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने एक कड़ा संदेश देते हुए बहेड़ा थाना में डायल 112 सेवा में तैनात एक पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई पीटीसी सुशील कुमार के खिलाफ की गई है, जो डायल 112 में पदस्थापित थे। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सुशील कुमार को विभाग की बाइक ठीक करवाने के लिए दरभंगा भेजा गया था। लेकिन, वह समय पर अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे, जो कार्य के प्रति उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में जब उनसे 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने कोई जवाब देना भी उचित नहीं समझा।
Darbhanga News: 24 घंटे में जवाब न मिलने पर शुरू हुई जांच
जब पीटीसी सुशील कुमार ने निर्धारित समय में कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षु डीएसपी सह बहेड़ा थानाध्यक्ष को जांच का जिम्मा सौंपा। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि मामले की तह तक पहुंचा जा सके और किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। जांच अधिकारी ने पूरे प्रकरण की गहनता से छानबीन की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए पुलिसकर्मी
प्रशिक्षु डीएसपी द्वारा की गई जांच में पीटीसी सुशील कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि उन्होंने अपने कर्तव्य के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती है। प्रशिक्षु डीएसपी ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट वरीय पुलिस अधीक्षक को सौंप दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पीटीसी सुशील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता पर पुलिस लाइन भेज दिया गया है, जो इस बात का संकेत है कि विभाग में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से पालन करें।

