
Fake Kidnapping: बिहार के जमुई जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां पुलिसकर्मियों ने ही एक शख्स के अपहरण की झूठी कहानी रचकर 1.50 लाख रुपये की फिरौती वसूली। इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ होने के बाद चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए हैं।
क्या थी Fake Kidnapping की पूरी कहानी?
जानकारी के मुताबिक, जमुई निवासी पिंटू कुमार ने अपने बड़े भाई संतोष कुमार के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। पिंटू ने बताया कि संतोष अपनी क्रेटा कार से घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद उनके मोबाइल पर फिरौती के लिए कॉल आया। कॉलर ने संतोष के अपहरण की बात कहते हुए उन्हें छोड़ने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की। डरा-सहमा परिवार 2 लाख रुपये लेकर नवादा पहुंचा, जहां उन्हें एक सुनसान जगह पर बुलाया गया। अपहरणकर्ताओं ने क्रेटा कार छोड़ने के नाम पर 1.50 लाख रुपये की वसूली की।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह खबर पुलिस विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाती है।
पुलिस जांच में खुली साजिश की परतें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। शुरुआत में यह अपहरण का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी पूरी तरह बदल गई। पुलिस को पता चला कि यह कोई असली अपहरण नहीं, बल्कि एक सुनियोजित Fake Kidnapping थी, जिसमें पकरीबरावां उत्पाद थाना के दो सहायक अवर निरीक्षक (ASI) और दो होमगार्ड पुलिसकर्मी शामिल थे। इन सभी की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में से एक एएसआई दिलीप कुमार के घर से सूचक से वसूले गए पूरे 1.50 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। साथ ही, संतोष कुमार की क्रेटा कार को भी पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
खाकी के दामन पर दाग, आगे की जांच जारी
इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यशैली और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से वर्दीधारियों ने ही झूठी अपहरण की साजिश रची और फिरौती वसूली, उसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। यह दिखाता है कि कुछ पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग कर अपराधों को अंजाम देने से भी नहीं हिचक रहे हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। यह मामला बिहार में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को और बढ़ा रहा है। हमेशा सही और सटीक खबरें पाने के लिए आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







